Indian Railways:  लोको पायलट को रेलवे सोने के लिए देती है ये सुविधा, 99.9% लोगों के नहीं है पता 

Saroj kanwar
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Indian Railways : ट्रेन में हर रोज लाखों लोग सफर करते है. सभी यात्री ट्रेन के ड्राइवर और लोको पायलट के कारण अच्छे से सफर कर पाते है. ट्रेन को चलाने के लिए ड्राइवर के साथ एक लोको पायलट जरूर होता है, जो इंजन की हर चीज का ध्यान रखता है.

ज्यादातर लोगों को एक सवाल होता है कि अगर लोको पायलट को ट्रेन चलाते समय नींद आ जाएं तो क्या होगा? चलिए आज हम आपको इस बारे में विस्तार से बताते है. बता दें कि लोको पायलट ट्रेन के ड्राइवर को कहते है.

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए नींद बहुत जरूरी है. इसलिए रेलवे लोको पायलट की नींद और सेफ्टी का पूरा ध्यान रखती है. रेलवे लोको पायलट के आराम के लिए एक रनिंग डिपो रूम बनाया जाता है. इस रनिंग डिपो AC रूम होता है.

जिसमें लोको पायलट बिना किसी परेशानी के आराम कर सकते है. लोको पायलट 9 घंटे तक ट्रेन चला सकते है, इसके बाद लोको पायलट चेंज कर दिया जाता है. देश भर के रनिंग डिपो रूम में हर तरह की सुविधा दी जाती है और खाना भी दिया जाता है.

रनिंग डिपो रूम में लाइब्रेरी, योग से लेकर म्यूजिक तक की सुविधा होती हैं. इस रूम में लोको पायलट अपनी नींद पूरी करके दोबारा 9 घंटे ट्रेन चला सकें. अगर ट्रेन चलाते हुए लोको पायलट की किसी तरह की परेशानी होती है तो वे अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दे देते हैं. 

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