युवा अपनी क्षमता पहचानें, जीवन को बेहतर दिशा दे सकते हैं

Saroj kanwar
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Chhatarpur News: महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र अध्ययन शाला एवं शोध केंद्र में अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। मीडिया समिति की पूजा तिवारी ने बताया कि इसमें बीए प्रथम वर्ष की छात्रा तृषा शिवहरे ने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की नसों में प्रवाहित ऊर्जा हैं। हमें पारंपरिक मूल्यों और आधुनिक सोच का संतुलन अपनाना चाहिए।

बीए तृतीय वर्ष की लक्ष्मी द्विवेदी ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रतिभागी यश अग्रवाल और काजल साहू ने युवाओं को मार्गदर्शक बनने और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा दी।

समापन अवसर पर प्रो. ममता वाजपेयी ने कहा कि दृष्टिकोण व्यापक और सोच सकारात्मक रखनी चाहिए। सही कार्य करने से न डरें। यदि युवा अपनी शक्ति और महत्व को पहचान लें, तो वे स्वयं अपने जीवन को गढ़ सकते हैं। ऐसे आयोजन छात्रों को आत्मविकास का मंच देते हैं और उन्हें अपने विचार समाज के सामने रखने का अवसर मिलता है।

कार्यक्रम में राकेश कुडेरिया, डॉ. अनूप दीक्षित, डॉ. श्वेता सेवते, डॉ. नीना चौरसिया, सुयश सागर सहित अन्य छात्र मौजूद रहे।

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