बरसात थमी तो मुरझाई फसलें, किसानों को दोबारा बोवनी की चिंता

Saroj kanwar
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Burhanpur News: ग्राम अंबाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की खेंच से किसानों की परेशानियां बढ़ गई हैं। पिछले एक सप्ताह से बारिश न होने के कारण फसलें मुरझाने लगी हैं और खेतों में नमी भी खत्म होती जा रही है। सोयाबीन, मक्का, ज्वार, कपास, उड़द और मूंग जैसी फसलों पर असर दिखने लगा है।

किसानों ने बताया कि बारिश रुकने से फसलों में इल्ली और अन्य कीटों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे बचाव के लिए दवाओं और कीटनाशकों का छिड़काव किया जा रहा है। बावजूद इसके फसलों में सुधार नहीं हो रहा है। जलस्रोत भी बारिश के अभाव में खाली पड़े हैं। नदियों, नालों, कुओं और बावड़ियों में पानी जमा नहीं हो पाया है।

देवरीमाल, हिंगना और अन्य गांवों के किसानों का कहना है कि यदि जल्द बारिश नहीं हुई, तो रबी की फसलों की सिंचाई भी मुश्किल हो जाएगी। खेतों में फसलें निकलने लगी हैं लेकिन उन्हें जमीन की गहराई तक पानी नहीं मिल पा रहा है। लगातार बारिश के बजाय रुक-रुक कर हो रही बूंदाबांदी से केवल ऊपरी सतह पर नमी बनी हुई है।

जिले में मानसून की शुरुआत 16 जून को हुई थी। उस समय चार इंच से भी कम बारिश दर्ज की गई थी। किसानों ने शुरुआती बारिश को देखकर बोवनी कर दी थी, लेकिन अब बारिश रुकने से उन्हें दोबारा बोवनी की चिंता सताने लगी है। यदि बारिश नहीं हुई तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।

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