रूस से तेल खरीद पर EU का बैन, भारत के $15 अरब के निर्यात को खतरा

Saroj kanwar
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Oil Trade: यूरोपीय संघ (EU) ने रूस से परोक्ष रूप से आने वाले कच्चे तेल पर सख्त पाबंदियां लगाई हैं। अब EU किसी भी तीसरे देश से ऐसे पेट्रोलियम उत्पाद नहीं खरीदेगा जो रूसी कच्चे तेल से बने हों। इससे भारत, तुर्की और यूएई जैसे देशों को बड़ा झटका लग सकता है।

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के अनुसार, इस कदम से भारत के पेट्रोलियम उत्पादों के 15 अरब डॉलर के निर्यात पर संकट गहरा गया है। खासतौर पर भारत से यूरोप को होने वाला लगभग 5 अरब डॉलर का निर्यात सीधे प्रभावित हो सकता है।

2023-24 में भारत ने EU को 19.2 अरब डॉलर के पेट्रोलियम उत्पाद भेजे थे, जो 2024-25 में गिरकर 15 अरब डॉलर रह गए। यह 27% की गिरावट दर्शाता है।

भारत रूस से काफी सस्ता कच्चा तेल खरीदकर उसे रिफाइन कर पेट्रोल, डीजल और जेट ईंधन बनाता है, जिसे यूरोप समेत अन्य देशों को निर्यात करता है। GTRI के मुताबिक, 2024-25 में भारत ने रूस से 50.3 अरब डॉलर का तेल आयात किया, जो कुल तेल आयात का एक तिहाई है।हालांकि भारत रूस के साथ वैध व्यापार कर रहा है, लेकिन पश्चिमी देशों में इसके राजनीतिक प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को अब अपने आर्थिक हितों और अंतरराष्ट्रीय दबावों के बीच संतुलन बनाना होगा, ताकि ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक साझेदारियों दोनों को संभाला जा सके।

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