पेट्रोल की असली कीमत क्या है? टैक्स और कमीशन मिलाकर कैसे बढ़ता है दाम

Saroj kanwar
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Petrol Price: भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें इतनी ज्यादा क्यों हैं? इसका जवाब है – भारी टैक्स और अलग-अलग चार्जेस। पेट्रोल और डीजल आज भी जीएसटी के दायरे में नहीं आते, इसलिए केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारें वैट वसूलती हैं। इसके अलावा डीलर कमीशन और प्रोसेसिंग कॉस्ट भी जुड़ती है, जो कीमत को और बढ़ा देती है।

अगर बात दिल्ली की करें, तो वहां एक लीटर पेट्रोल की खुदरा कीमत करीब 96.72 रुपये है। लेकिन इसकी असली कीमत क्या है? अगर सभी टैक्स हटा दिए जाएं तो पेट्रोल सिर्फ 55.66 रुपये प्रति लीटर में मिल सकता है।

आइए जानते हैं इसका ब्रेकअप:

1. क्रूड ऑयल कॉस्ट: 40 रुपये/लीटर

2. प्रोसेसिंग कॉस्ट (OMCs द्वारा): 5.66 रुपये

3. बफर इंफ्लेशन चार्ज: 10 रुपये

4. डीलर प्राइस: 55.66 रुपये

5. डीलर कमीशन: 3.77 रुपये

6. एक्साइज ड्यूटी (केंद्र सरकार): 19.90 रुपये

7. वैट (राज्य सरकार): 15.39 रुपये

इन सभी को जोड़ने पर पेट्रोल की कीमत 96.72 रुपये तक पहुंच जाती है। यानी कुल कीमत में लगभग 40% हिस्सा सिर्फ टैक्स का होता है।

हर राज्य की वैट दरें अलग होने से पेट्रोल के रेट भी अलग-अलग होते हैं। यही वजह है कि कहीं पेट्रोल सस्ता लगता है तो कहीं महंगा।

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