नई दिल्ली: 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission), ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को लेकर देशभर में लगातार चर्चा जारी है। इसी बीच केंद्र सरकार ने संसद में साफ कर दिया है कि फिलहाल यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) का दायरा बढ़ाकर अन्य पेंशन योजनाओं या दूसरे सेक्टरों के कर्मचारियों तक पहुंचाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। सरकार के इस बयान के बाद ऑल इंडिया एनपीएस इंप्लॉई फेडरेशन ने नाराजगी जताते हुए UPS की सुविधा जल्द शुरू करने की मांग की है।
संसद में सरकार ने क्या कहा?
लोकसभा के मानसून सत्र के दौरान पूछे गए एक लिखित प्रश्न के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने UPS से जुड़े ताजा आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि 9 जुलाई 2026 तक 25,756 सेवानिवृत्त केंद्रीय सरकारी कर्मचारी ऐसे हैं, जो UPS के तहत अतिरिक्त लाभ पाने के पात्र हैं।
सरकार के मुताबिक अब तक UPS के तहत 12,258 दावे प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 9,823 मामलों का निपटारा कर भुगतान भी किया जा चुका है। इससे स्पष्ट होता है कि पात्र कर्मचारियों के दावों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
क्या UPS का दायरा बढ़ेगा?
संसद में सरकार से यह भी पूछा गया कि क्या भविष्य में UPS जैसी सुविधा अन्य पेंशन योजनाओं या अलग-अलग क्षेत्रों के कर्मचारियों को भी उपलब्ध कराई जाएगी।
इस पर सरकार ने साफ शब्दों में कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है।
सरकार ने दोहराया कि यूनिफाइड पेंशन स्कीम केवल केंद्र सरकार के उन कर्मचारियों के लिए एक विकल्प है, जो नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के दायरे में आते हैं। यानी फिलहाल इसे अन्य कर्मचारियों या अन्य पेंशन योजनाओं तक विस्तार देने की कोई योजना नहीं है।
8वें वेतन आयोग और OPS बहस के बीच बढ़ी चर्चा
सरकार का यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब देशभर में 8वें वेतन आयोग और ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) की बहाली को लेकर बहस तेज है। सरकार के ताजा रुख से संकेत मिलता है कि अभी UPS को दूसरे सेक्टरों या अन्य पेंशन योजनाओं में लागू करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
ऑल इंडिया NPS इंप्लॉई फेडरेशन ने उठाई मांग
सरकार के बयान के बाद ऑल इंडिया एनपीएस इंप्लॉई फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि NPS से रिटायर हुए 25,756 पात्र कर्मचारियों में से 9,823 लोगों को UPS के तहत पेंशन भुगतान शुरू हो चुका है।
हालांकि उन्होंने कहा कि फिलहाल UPS को अन्य पेंशन योजनाओं या CABs जैसे अन्य सेक्टरों तक बढ़ाने का सरकार का कोई इरादा नहीं है।
कर्मचारियों को जल्द मिले UPS की सुविधा
डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर डिपार्टमेंट ऑफ पेंशन एंड पेंशनर्स वेलफेयर को टैग करते हुए सरकार से अपील की कि जहां UPS को मंजूरी मिल चुकी है, वहां इसकी ऑनलाइन सुविधा जल्द शुरू की जाए।
उन्होंने कहा कि दिल्ली जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में कई कर्मचारी UPS का विकल्प चुनकर रिटायर हो चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक न तो NPS के तहत लाभ मिल पाया है और न ही UPS के तहत पेंशन का भुगतान शुरू हुआ है। उनका कहना है कि एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कई कर्मचारी अपने पेंशन लाभ का इंतजार कर रहे हैं। साथ ही CABs में भी UPS का प्रभावी क्रियान्वयन अभी तक नहीं हो पाया है।
निष्कर्ष
सरकार ने संसद में साफ कर दिया है कि फिलहाल यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) केवल NPS के तहत आने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारियों तक सीमित रहेगी। दूसरी पेंशन योजनाओं या अन्य क्षेत्रों में इसे लागू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। वहीं कर्मचारी संगठनों की मांग है कि जिन कर्मचारियों ने UPS का विकल्प चुन लिया है, उन्हें बिना देरी के योजना का वास्तविक लाभ मिलना चाहिए।