केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं। देशभर के करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और लाखों पेंशनर्स इस आयोग से बड़ी राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। खासतौर पर बेसिक सैलरी, फिटमेंट फैक्टर और महंगाई भत्ता (DA) को लेकर कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखी हैं।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि मौजूदा महंगाई और बढ़ते खर्चों को देखते हुए न्यूनतम बेसिक सैलरी में बड़ा इजाफा जरूरी है। कई यूनियनों ने फिटमेंट फैक्टर को 3.0 से 4.0 तक करने की मांग रखी है। यदि ऐसा होता है तो कर्मचारियों की सैलरी में भारी उछाल देखने को मिल सकता है। कुछ कर्मचारी संगठनों ने न्यूनतम वेतन को 18 हजार रुपये से बढ़ाकर 52 हजार रुपये से लेकर 72 हजार रुपये तक करने का प्रस्ताव भी दिया है।
इसके अलावा महंगाई भत्ते (DA) को बेसिक पे में मर्ज करने की मांग भी जोर पकड़ रही है। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि इससे भविष्य में मिलने वाले भत्तों और पेंशन पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक DA मर्जर पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है।
रेलवे तकनीकी कर्मचारियों समेत कई संगठनों ने हाउस रेंट अलाउंस (HRA), यात्रा भत्ता और प्रमोशन से जुड़ी विसंगतियों को दूर करने की मांग भी आयोग के सामने रखी है। साथ ही सालाना इंक्रीमेंट बढ़ाने और पेंशनर्स को ज्यादा राहत देने पर भी जोर दिया जा रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में अभी समय लग सकता है और संशोधित वेतन 2027 तक लागू होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि यदि इसे 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना गया, तो कर्मचारियों को एरियर का भी फायदा मिल सकता है।
फिलहाल आयोग अलग-अलग कर्मचारी संगठनों और विभागों से सुझाव जुटा रहा है। अंतिम फैसला सरकार की मंजूरी के बाद ही सामने आएगा, लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि 8वां वेतन आयोग केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में बड़ा बदलाव ला सकता है।