8वें वेतन आयोग में पेंशन बढ़ोतरी का अनुमान, 3.83 फिटमेंट फैक्टर से ऐसे होगी गणना

Saroj kanwar
5 Min Read

8th Pay Commission Pension Hike: केंद्रीय कर्मचारियों के साथ-साथ लाखों पेंशनर्स की नजरें अब 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर टिकी हुई हैं। नए वेतन आयोग के लागू होने के बाद पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी, इसे लेकर लगातार चर्चा हो रही है। देश में करीब 33.76 लाख केंद्रीय पेंशनर्स हैं, जिन्हें 8वें वेतन आयोग से पेंशन में बड़े बदलाव की उम्मीद है।

8वें वेतन आयोग का गठन कब हुआ?

केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें वेतन आयोग का गठन किया था। आयोग को अपनी सिफारिशें सरकार के सामने रखने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। आयोग को 3 मई 2027 तक अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। इसके बाद केंद्र सरकार और केंद्रीय कैबिनेट आयोग की सिफारिशों पर विचार करके अंतिम फैसला लेगी।

फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय पेंशनर्स के लिए न्यूनतम बेसिक पेंशन ₹9,000 प्रति माह है। अब पेंशनर्स और कर्मचारी संगठनों की मांग है कि 8वें वेतन आयोग में न्यूनतम पेंशन को काफी बढ़ाया जाए।

3.83 फिटमेंट फैक्टर पर टिकी पेंशनर्स की उम्मीद

8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर सबसे अहम मुद्दों में से एक माना जा रहा है। NC-JCM की ओर से 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी गई है। हालांकि, सरकार ने अभी इस फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी नहीं दी है।

अगर भविष्य में 3.83 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो संभावित तौर पर नई बेसिक पेंशन निकालने का फॉर्मूला इस तरह होगा:

नई बेसिक पेंशन = मौजूदा बेसिक पेंशन × 3.83

इस आधार पर पेंशन में काफी बड़ा अंतर देखने को मिल सकता है।

₹10,000 से ₹50,000 तक की पेंशन पर कितना असर?

यदि 3.83 फिटमेंट फैक्टर को लागू किया जाता है, तो अलग-अलग मौजूदा बेसिक पेंशन पर संभावित नई पेंशन कुछ इस प्रकार हो सकती है:

मौजूदा बेसिक पेंशन3.83 फैक्टर पर संभावित बेसिक पेंशन
₹10,000₹38,300
₹15,000₹57,450
₹18,000₹68,940
₹20,000₹76,600
₹25,000₹95,750
₹30,000₹1,14,900
₹35,000₹1,34,050
₹40,000₹1,53,200
₹50,000₹1,91,500

ध्यान रहे: ये आंकड़े केवल 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग के आधार पर संभावित गणना हैं। वास्तविक पेंशन कितनी होगी, यह 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिश और सरकार के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगा।

पेंशनर्स की न्यूनतम पेंशन ₹45,000 करने की मांग

पेंशनर्स संगठनों की ओर से 8वें वेतन आयोग के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी जा रही हैं। भारत पेंशनर्स समाज (BPS) जैसी संस्थाओं की प्रमुख मांगों में न्यूनतम बेसिक पेंशन को बढ़ाकर ₹45,000 करना शामिल है।

इसके अलावा पेंशनर्स संगठनों की ओर से महंगाई राहत (DR) को लेकर भी बदलाव की मांग की गई है। मांग है कि जब DR 25% से अधिक हो जाए, तो इसे बेसिक पेंशन के साथ मर्ज करने पर विचार किया जाए। साथ ही DR की समीक्षा हर तीन महीने में करने की मांग भी उठाई गई है।

7वें वेतन आयोग में कितना था फिटमेंट फैक्टर?

7वें वेतन आयोग के दौरान 2.57 फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी मिली थी। इसके बाद केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 और केंद्रीय पेंशनर्स की न्यूनतम बेसिक पेंशन ₹9,000 तय की गई थी।

अब 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर कितना रखा जाएगा, यह अभी तय नहीं हुआ है। इसलिए 3.83 के आधार पर बताई जा रही पेंशन को फिलहाल केवल संभावित गणना के तौर पर देखना चाहिए।

नई पेंशन तय होने पर DR का क्या होगा?

नए वेतन आयोग के लागू होने के दौरान मौजूदा महंगाई राहत (Dearness Relief) को सीधे नई बेसिक पेंशन में जोड़कर नहीं दिया जाता। नए वेतन ढांचे के निर्धारण के समय मौजूदा DR व्यवस्था को रीसेट किया जाता है और संशोधित बेसिक पेंशन के आधार पर आगे की गणना होती है।

इसलिए पेंशनर्स को केवल फिटमेंट फैक्टर देखकर अंतिम पेंशन का अनुमान नहीं लगाना चाहिए। वास्तविक राशि सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें स्वीकार किए जाने और उसके बाद जारी होने वाले आधिकारिक आदेशों से ही सामने आएगी।

कब साफ होगी पेंशन की नई तस्वीर?

8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट 3 मई 2027 तक सरकार को सौंपे जाने की बात कही गई है। इसके बाद केंद्र सरकार और कैबिनेट सिफारिशों की समीक्षा करेंगे। अंतिम मंजूरी के बाद ही केंद्रीय पेंशनर्स को यह स्पष्ट हो पाएगा कि उनकी बेसिक पेंशन में वास्तव में कितना बदलाव होगा।

फिलहाल 3.83 फिटमेंट फैक्टर और ₹45,000 न्यूनतम पेंशन जैसी मांगें पेंशनर्स के बीच चर्चा का विषय हैं, लेकिन इन्हें अभी सरकार द्वारा स्वीकृत फैसला नहीं माना जा सकता।

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