केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आई है। आयोग ने विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और केंद्र शासित प्रदेशों को कर्मचारी संबंधी आवश्यक जानकारी जमा करने के लिए अतिरिक्त समय दिया है। पहले यह अंतिम तिथि 30 जून 2026 थी, जिसे अब बढ़ाकर 31 जुलाई 2026 कर दिया गया है। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि कई संबंधित विभाग तय समय सीमा तक जरूरी डेटा उपलब्ध नहीं करा सके।
समय सीमा बढ़ाने की वजह
8वें वेतन आयोग के अनुसार, कई मंत्रालयों, विभागों और केंद्र शासित प्रदेशों ने निर्धारित समय तक आवश्यक जानकारी पोर्टल पर अपलोड नहीं की थी। इसी कारण आयोग ने सभी संस्थानों को एक और अवसर देते हुए नई अंतिम तिथि घोषित की है।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कर्मचारी संबंधी सभी जानकारी केवल ऑनलाइन डेटा कलेक्शन पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार की जाएगी। ईमेल, हार्ड कॉपी, एक्सेल शीट या पीडीएफ के जरिए भेजा गया कोई भी डेटा मान्य नहीं होगा।
नोडल अधिकारियों को दिए गए निर्देश
आयोग ने सभी विभागों के नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित नई समय सीमा के भीतर सभी जरूरी जानकारी पोर्टल पर अपलोड कराना सुनिश्चित करें। आयोग ने दोबारा स्पष्ट किया है कि ऑफलाइन माध्यम से भेजी गई जानकारी पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।
आयोग ने कौन-कौन सी जानकारी मांगी है?
8वें वेतन आयोग ने विभागों से निम्नलिखित जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है—
- कर्मचारियों की क्षमता (Capacity Assessment)
- रिक्त पदों का पूरा विवरण
- वर्ष 2023 से 2025 के बीच सेवानिवृत्ति और वीआरएस (VRS) का रिकॉर्ड
- 2023-2025 के दौरान कर्मचारियों के इस्तीफों का विवरण
- कर्मचारियों की जनसांख्यिकीय (Demographic) जानकारी
- जीपीएफ (GPF) से संबंधित आंकड़े
- पदोन्नति (Promotion) से जुड़ी जानकारी
इस डेटा का क्या होगा उपयोग?
आयोग का मानना है कि इन आंकड़ों से कर्मचारियों की वर्तमान स्थिति, रिक्तियों, पदोन्नति, सेवानिवृत्ति और अन्य प्रशासनिक पहलुओं का सही आकलन किया जा सकेगा। इससे आयोग को कर्मचारियों, पेंशनर्स और अन्य हितधारकों की वास्तविक जरूरतों को समझने में मदद मिलेगी और भविष्य के लिए व्यावहारिक तथा संतुलित सिफारिशें तैयार की जा सकेंगी।
विभिन्न राज्यों में जारी हैं बैठकें
8वां वेतन आयोग लगातार देशभर में कर्मचारियों और पेंशनर्स के संगठनों से चर्चा कर रहा है। दिल्ली, लखनऊ और जम्मू-कश्मीर में बैठकें आयोजित करने के बाद अब आयोग की अगली बैठकें भुवनेश्वर और कोलकाता में प्रस्तावित हैं, जहां विभिन्न पक्षों से सुझाव लिए जाएंगे।
आयोग का कार्यकाल और रिपोर्ट
8वें वेतन आयोग का गठन नवंबर 2025 में किया गया था। आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। सरकार की योजना के अनुसार आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू की जाएंगी। रिपोर्ट में देरी होने की स्थिति में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को एरियर (Arrears) का लाभ भी मिल सकता है।
पत्र में क्या कहा गया?
उप सचिव (Deputy Secretary) द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि कर्मचारी डेटा जमा करने की अंतिम तिथि अब 31 जुलाई 2026 होगी। साथ ही सभी मंत्रालयों, विभागों और अन्य संबंधित संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल आयोग के ऑनलाइन पोर्टल पर ही जानकारी अपलोड करें। किसी अन्य माध्यम से भेजा गया डेटा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
डॉ. मंजीत पटेल ने क्या कहा?
ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत पटेल ने भी इस पत्र को सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने कहा कि डेटा जमा करने की समय सीमा बार-बार बढ़ाना आयोग के लिए उचित स्थिति नहीं है। उन्होंने सभी मंत्रालयों, विभागों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय स्वायत्त संस्थाओं से जल्द से जल्द आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की, ताकि आयोग पूरे देश के कर्मचारियों, पेंशनर्स और अन्य हितधारकों की वास्तविक जरूरतों का व्यापक अध्ययन कर अगले 10 वर्षों के लिए निष्पक्ष, व्यावहारिक और दूरदर्शी सिफारिशें तैयार कर सके।