मूंगफली भारत में सबसे पसंद किए जाने वाले स्नैक्स में से एक है। सर्दियों में हो या गर्मियों में, दोस्तों के साथ बैठकर बातचीत करते समय मूंगफली का स्वाद और भी बढ़ जाता है। कम कीमत में मिलने वाली मूंगफली स्वादिष्ट होने के साथ-साथ प्रोटीन, हेल्दी फैट, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्वों का भी स्रोत है। लेकिन क्या आपने कभी इसे उबालकर खाने की कोशिश की है?
आयुर्वेदाचार्य एवं योग गुरु प्रो. डॉ. राम अवतार के अनुसार, मूंगफली को उबालकर खाना इसे खाने के एक अलग तरीके के रूप में अपनाया जा सकता है। हालांकि, किसी भी खाद्य पदार्थ की तरह इसके फायदे व्यक्ति की डाइट और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करते हैं।
ब्लांच्ड पीनट्स क्या होते हैं?
ब्लांच्ड पीनट्स यानी ऐसी मूंगफली जिसके दानों से लाल-भूरे रंग की बाहरी स्किन हटा दी जाती है। मूंगफली में प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट और कई खनिज पाए जाते हैं, इसलिए इसे संतुलित डाइट में एक पौष्टिक स्नैक के तौर पर शामिल किया जा सकता है।
मूंगफली में पाए जाने वाले प्रमुख पोषक तत्व
- प्रोटीन
- हेल्दी मोनोअनसैचुरेटेड फैट
- फाइबर
- कैल्शियम
- आयरन
- ऊर्जा प्रदान करने वाले पोषक तत्व
मूंगफली खाने का सही तरीका क्या है?
मूंगफली को भूनकर खाने के अलावा इसे उबालकर भी खाया जा सकता है। उबली मूंगफली नरम होती है और इसे आसानी से खाया जा सकता है।
उबली मूंगफली बनाने का तरीका
सबसे पहले एक बर्तन में पर्याप्त पानी लें और उसमें हल्का नमक डालें। इसके बाद मूंगफली डालकर करीब 30 मिनट तक उबालें। जब मूंगफली नरम हो जाए, तो गैस बंद कर दें। इसे थोड़ा ठंडा होने दें और फिर खाएं।
उबली मूंगफली के संभावित फायदे
1. प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्रोत
मूंगफली में प्रोटीन और फाइबर मौजूद होते हैं। प्रोटीन शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व है, जबकि फाइबर पाचन तंत्र के सामान्य कामकाज में मदद करता है। इसी वजह से मूंगफली को एक संतुलित स्नैक का हिस्सा बनाया जा सकता है।
2. लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद
फाइबर और फैट की मौजूदगी के कारण मूंगफली खाने के बाद लंबे समय तक संतुष्टि महसूस हो सकती है। इससे बार-बार स्नैकिंग करने की आदत को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, वजन प्रबंधन के लिए पूरी डाइट और शारीरिक गतिविधि भी महत्वपूर्ण हैं।
3. ब्लड शुगर के लिए बेहतर स्नैक विकल्प
मूंगफली में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है और इसमें प्रोटीन, फैट व फाइबर मौजूद होते हैं। इसलिए बिना ज्यादा चीनी या नमक वाली मूंगफली संतुलित डाइट में शामिल की जा सकती है। डायबिटीज वाले लोगों को अपनी व्यक्तिगत डाइट के लिए डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह लेनी चाहिए।
4. हार्ट हेल्थ के लिए उपयोगी पोषक तत्व
मूंगफली में अनसैचुरेटेड फैट पाए जाते हैं। संतुलित मात्रा में ऐसे हेल्दी फैट का सेवन हृदय के लिए अनुकूल डाइट का हिस्सा हो सकता है। मूंगफली में एंटीऑक्सीडेंट यौगिक भी पाए जाते हैं।
5. ऊर्जा देने वाला स्नैक
मूंगफली में प्रोटीन, फैट और कैलोरी पर्याप्त मात्रा में होती है, इसलिए यह शरीर को ऊर्जा देने वाले स्नैक्स में शामिल की जाती है। पढ़ाई, काम या यात्रा के दौरान सीमित मात्रा में इसे खाया जा सकता है।
ब्लांच्ड पीनट्स की न्यूट्रिशन वैल्यू
दिए गए पोषण आंकड़ों के अनुसार 100 ग्राम मूंगफली में लगभग 567 कैलोरी, 26.7 ग्राम प्रोटीन, 50 ग्राम फैट, 20 ग्राम कार्बोहाइड्रेट और 10 ग्राम फाइबर पाया जा सकता है। इसके अलावा इसमें कैल्शियम और आयरन जैसे मिनरल भी मौजूद होते हैं। वास्तविक पोषण मात्रा किस्म और तैयारी के तरीके के अनुसार अलग हो सकती है।
कितनी मूंगफली खानी चाहिए?
मूंगफली पौष्टिक जरूर है, लेकिन इसमें कैलोरी और फैट की मात्रा भी अधिक होती है। इसलिए इसे जरूरत से ज्यादा खाने के बजाय संतुलित मात्रा में डाइट में शामिल करना बेहतर है। नमक वाली या बहुत ज्यादा तली हुई मूंगफली की जगह सादी या कम नमक वाली मूंगफली बेहतर विकल्प हो सकती है।
नोट: उबली मूंगफली को किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। अगर आपको मूंगफली से एलर्जी है या कोई विशेष स्वास्थ्य समस्या है, तो इसका सेवन करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित है।