श्रीलंका के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी का ताबड़तोड़ प्रदर्शन, सबसे ज्यादा छक्कों के साथ खत्म की सीरीज

Saroj kanwar
4 Min Read

IND A और SL A के बीच खेले गए ट्राई-सीरीज फाइनल में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने पूरे क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। महज 15 साल की उम्र में उन्होंने अपने आक्रामक खेल से मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया और श्रीलंका ए के गेंदबाजों को चारों खाने चित कर दिया।

फाइनल मुकाबले को वैभव ने अपने लिए “रिवेंज मैच” की तरह खेला, जहां उन्होंने पिछले मैचों की नाकामी का जवाब बल्ले से दिया। उनकी पारी इतनी विस्फोटक रही कि दर्शकों ने दांबुला में बैठे-बैठे चौके-छक्कों की बरसात देखी।


शुरुआती संघर्ष के बाद आया तूफान

सीरीज के पिछले दो मुकाबलों में वैभव का प्रदर्शन साधारण रहा था, जहां वह केवल 35 रन ही बना सके थे। वहीं एक मैच सुपर ओवर तक गया था, जिसमें इंडिया ए को हार झेलनी पड़ी थी और वैभव क्रीज पर मौजूद थे।

इसके बाद कथित तौर पर श्रीलंका ए के कुछ खिलाड़ियों ने उन पर तंज कसते हुए कहा था कि “ये IPL नहीं है”, जिससे माहौल और भी गरमा गया था।


फाइनल में वैभव का करारा जवाब

फाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने श्रीलंका ए के हर प्रमुख गेंदबाज को निशाने पर लिया और तेजी से रन बटोरने शुरू किए।

खास तौर पर उन्होंने मोहम्मद शिराज को निशाना बनाया, जिन्हें पहले मैच में उनका विकेट मिला था। इस बार वैभव ने शिराज के खिलाफ सिर्फ 8 गेंदों में 34 रन ठोक दिए, जिससे उन्हें गेंदबाजी आक्रमण से हटाना पड़ा।


11 गेंदों में ऐतिहासिक अर्धशतक

वैभव ने मात्र 11 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया, जो लिस्ट-ए क्रिकेट में एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बन गया। उनकी बल्लेबाजी की रफ्तार इतनी तेज थी कि श्रीलंकाई गेंदबाज पूरी तरह दबाव में आ गए।

इसके बाद भी उनका आक्रामक अंदाज जारी रहा और वह एक बड़े स्कोर की ओर बढ़ते दिखे, लेकिन 29 गेंदों के बाद उनकी पारी का अंत हो गया।


29 गेंदों में 94 रन, छक्कों की बरसात

वैभव सूर्यवंशी ने अपनी पारी में 29 गेंदों पर 94 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और 8 शानदार छक्के शामिल थे। उनका स्ट्राइक रेट 324.13 रहा, जो इस स्तर के क्रिकेट में बेहद असाधारण है।


सीरीज में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड

इस पूरी ट्राई-सीरीज में वैभव सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज भी बने। उन्होंने कुल 11 छक्के लगाए और बाकी सभी खिलाड़ियों से काफी आगे रहे। खास बात यह रही कि वे सीरीज में एकमात्र खिलाड़ी थे जिन्होंने दोहरे अंकों में छक्के लगाए।


निष्कर्ष

फाइनल मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने न सिर्फ अपने आलोचकों को जवाब दिया, बल्कि लिस्ट-ए क्रिकेट में एक नया रिकॉर्ड भी स्थापित किया। उनकी 29 गेंदों की तूफानी पारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी और यह पारी युवा क्रिकेट के इतिहास में एक खास जगह बना सकती है।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *