रेलवे स्टेशनों पर सफर करने वाले यात्रियों को अब खाने-पीने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। सेंट्रल रेलवे ने खानपान वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद कई लोकप्रिय फूड आइटम्स महंगे हो जाएंगे। यह नई दरें 1 जून 2026 से लागू की जाएंगी।
जानकारी के मुताबिक, सेंट्रल रेलवे ने सोमवार, 25 मई को ही नई दर सूची को स्वीकृति दे दी थी। इसके तहत कुल 33 खाद्य पदार्थों के दाम संशोधित किए गए हैं, जबकि 16 आइटम्स की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। रेलवे का कहना है कि यह निर्णय बढ़ती लागत, खासकर तेल और गैस की कीमतों में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
क्या होंगे नए दाम?
नई मूल्य सूची के अनुसार स्टेशन पर मिलने वाले कई लोकप्रिय स्नैक्स और भोजन अब पहले से महंगे मिलेंगे। उदाहरण के लिए, 50 ग्राम आलू वड़ा की कीमत 15 रुपये तय की गई है, जबकि पाव के लिए अलग से 5 रुपये देने होंगे।
वहीं, वेज समोसा, वेज पफ और साबूदाना वड़ा जैसे स्नैक्स अब 20 रुपये में उपलब्ध होंगे। पाव भाजी और वेज पिज्जा की कीमत बढ़कर 50 रुपये तक पहुंच गई है। पहले 13 रुपये में मिलने वाला सामान्य वड़ा पाव अब 20 रुपये में मिलेगा, जो लगभग 54% की बढ़ोतरी दर्शाता है।
डोसा और इडली भी हुए महंगे
दक्षिण भारतीय व्यंजनों के शौकीनों को भी अब ज्यादा भुगतान करना होगा। मसाला डोसा 35 रुपये में, सादा डोसा 25 रुपये में और सांबर-चटनी के साथ दो इडली 30 रुपये में उपलब्ध होंगी।
कुछ चीजों की कीमतों में बदलाव नहीं
हालांकि, सभी खाद्य पदार्थ महंगे नहीं हुए हैं। कुछ लोकप्रिय आइटम्स की कीमतें पहले जैसी ही रखी गई हैं। मिसल पाव 35 रुपये, कचौरी 15 रुपये और डाबेली 20 रुपये में मिलती रहेगी। इसके अलावा, कुछ पेय पदार्थ जैसे सोडा की कीमतों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है।
रेलवे का निर्देश और गुणवत्ता पर जोर
Indian Railways के उत्तरी रेलवे ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि सभी लाइसेंसधारियों को नई दर सूची दो भाषाओं में प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करनी होगी। रेलवे ने यह भी कहा है कि कीमतों में संशोधन का असर भोजन की गुणवत्ता में सुधार के रूप में दिखाई देना चाहिए।
साथ ही, खानपान इकाइयों की नियमित जांच और निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं ताकि यात्रियों से अधिक वसूली या अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके। रेलवे ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में अन्य जोन भी इसी तरह कीमतों में बदलाव को मंजूरी दे सकते हैं।
यात्रियों पर असर
इस फैसले के बाद स्टेशन पर रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों के खर्च में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। खासकर वे यात्री जो रोजाना रेलवे स्टेशन से भोजन लेते हैं, उन्हें अब अपनी जेब और ढीली करनी पड़ेगी।