मिडिल ईस्ट से इस वक्त बड़ी और बेहद संवेदनशील खबर सामने आ रही है। अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव और संभावित सैन्य टकराव की आशंका के बीच ईरान ने अचानक अपने पश्चिमी क्षेत्र का हवाई क्षेत्र (Airspace) अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है और हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
22 से 25 मई तक लागू रहेगा NOTAM आदेश
ईरान की नागरिक उड्डयन अथॉरिटी ने नया NOTAM जारी करते हुए 22 मई से 25 मई तक पश्चिमी एयरस्पेस को प्रतिबंधित कर दिया है। इसके तहत इस क्षेत्र के 8 प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ानों का संचालन केवल दिन के समय तक सीमित कर दिया गया है।
इसके अलावा पहले से स्वीकृत सभी फ्लाइट परमिशन भी तत्काल प्रभाव से रोक दी गई हैं, जिससे एयर ट्रैफिक सिस्टम पर बड़ा असर पड़ा है।
तेहरान में सैन्य गतिविधियों की अटकलें
हालांकि ईरान सरकार ने इस कदम की कोई आधिकारिक वजह स्पष्ट नहीं की है, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम संभावित सुरक्षा तैयारी या किसी सैन्य अभ्यास का हिस्सा हो सकता है।
रिपोर्ट्स और फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट के आसपास लड़ाकू विमानों की गतिविधियां देखी गई हैं। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि क्षेत्र में सैन्य तैयारियां तेज हो सकती हैं।
अमेरिका और इजरायल से बढ़ते तनाव का असर
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के रिश्तों में तनाव चरम पर है। हालिया सैन्य घटनाओं और जवाबी कार्रवाइयों के बाद अस्थायी सीजफायर पर भी खतरा मंडराने लगा है।
इसी वजह से यूरोपीय एविएशन अथॉरिटीज ने एयरलाइंस को इस पूरे क्षेत्र से दूरी बनाए रखने की सख्त सलाह दी है।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर बड़ा असर
ईरान के इस फैसले के बाद मिडिल ईस्ट के हवाई रूट्स बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने ईरान और इराक के हवाई क्षेत्र से उड़ानें रोक दी हैं या उनके रूट बदल दिए हैं।
इसका असर भारत, यूरोप और खाड़ी देशों की फ्लाइट्स पर भी साफ देखा जा रहा है।
दुबई और अबू धाबी जाने वाली फ्लाइट्स पर नई गाइडलाइंस
एमिरेट्स एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत यात्रियों को उड़ान से कम से कम 3 घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंचने और बोर्डिंग गेट पर समय से पहले रिपोर्ट करने की सलाह दी गई है।
एयरपोर्ट पर भीड़ और ट्रैफिक को देखते हुए यात्रियों को दुबई मेट्रो जैसे सार्वजनिक परिवहन के उपयोग की सलाह दी गई है।
इसके अलावा जिन यात्रियों की बुकिंग 28 फरवरी से 31 मई के बीच है, उन्हें 15 जून तक अपनी यात्रा रीशेड्यूल करने या रिफंड लेने का विकल्प दिया गया है।
एयर इंडिया की स्थिति
एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने कहा है कि वे 23 मई 2026 को पश्चिम एशिया और यूएई के लिए अपनी उड़ानें जारी रखेंगे। हालांकि ये संचालन स्थानीय अनुमति और स्लॉट उपलब्धता पर निर्भर रहेगा।
क्यों बढ़ी चिंता?
ईरान और इराक के आसपास का पूरा हवाई क्षेत्र इस समय लगभग खाली हो चुका है, क्योंकि एयरलाइंस जोखिम लेने से बच रही हैं। तेल और गैस आपूर्ति मार्गों के करीब इस तरह अचानक एयरस्पेस बंद होना वैश्विक ऊर्जा और सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी चिंता का कारण बन रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्थिति क्षेत्रीय तनाव को और अधिक गंभीर दिशा में ले जा सकती है।