नई दिल्ली: भारत और नेपाल के बीच व्यापारिक संबंधों में हाल के दिनों में तनाव देखने को मिला है। नेपाल से भारत आने वाली चाय पर सख्त गुणवत्ता जांच (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) लागू किए जाने के बाद नेपाली चाय उद्योग को बड़ा झटका लगा। जांच प्रक्रिया के कारण निर्यात प्रभावित हुआ और इसका सीधा असर वहां के उद्योगों और मजदूरों पर पड़ा।
भारत के नए नियम से प्रभावित हुई नेपाल की चाय इंडस्ट्री
भारत ने नेपाल से आयात होने वाली चाय के लिए अनिवार्य एसओपी जांच लागू की, जिससे बड़ी संख्या में चाय निर्यातकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। निर्यात में देरी और बढ़ती लागत के चलते कई फैक्ट्रियों ने अस्थायी रूप से उत्पादन रोक दिया।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 15 जून से चाय प्रोसेसिंग यूनिट्स ने काम बंद करना शुरू कर दिया था। इसके बाद 18 जून को झापा जिले में भी कई फैक्ट्रियां बंद हो गईं। कुल मिलाकर 99 चाय प्रोसेसिंग फैक्ट्रियां और करीब 50 छोटे-बड़े चाय बागानों का संचालन प्रभावित हुआ।
उद्योग से जुड़े लोगों ने सरकार से लगाई मदद की गुहार
स्थिति बिगड़ने के बाद चाय उत्पादकों, निर्यातकों और प्रोसेसिंग यूनिट्स से जुड़े कारोबारियों ने नेपाल सरकार से तत्काल राजनयिक स्तर पर हस्तक्षेप करने की मांग की। उनका कहना था कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं निकला तो उद्योग को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने दिया भरोसा, फिर शुरू हुआ काम
बढ़ते दबाव के बीच नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय और मंत्रिपरिषद ने उद्योग जगत को भरोसा दिलाया कि भारत के साथ इस मुद्दे पर राजनयिक और प्रशासनिक स्तर पर बातचीत कर समाधान निकाला जाएगा। सरकार के इस आश्वासन के बाद चाय उद्योग ने बंद पड़ी फैक्ट्रियों को दोबारा शुरू करने का फैसला किया।
नेपाल चाय उत्पादक संघ के अध्यक्ष आदित्य पराजुली ने कहा कि सरकार की प्रतिबद्धता को देखते हुए उद्योग ने उत्पादन बहाल करने पर सहमति जताई है।
चीनी आपूर्ति को लेकर भी नेपाल की बढ़ी चिंता
नेपाल सिर्फ चाय ही नहीं, बल्कि चीनी की आपूर्ति को लेकर भी मुश्किलों का सामना कर रहा है। भारत दुनिया के प्रमुख चीनी निर्यातक देशों में शामिल है और नेपाल अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा भारत से आयात करता है। भारत द्वारा चीनी के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद नेपाल में चीनी की उपलब्धता प्रभावित हुई है, जिससे कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है।