घरों में अक्सर खाना बच जाता है और लोग उसे बाद में दोबारा खा भी लेते हैं। बचा हुआ खाना खाना गलत नहीं है, लेकिन अगर उसे सही तरीके से स्टोर या दोबारा इस्तेमाल न किया जाए तो यह सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। खासतौर पर गर्मियों में थोड़ी सी लापरवाही उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी समस्याओं को जन्म दे सकती है। इसलिए यह समझना बेहद जरूरी है कि बचे हुए भोजन को सुरक्षित तरीके से कैसे इस्तेमाल किया जाए।
गर्मियों में पेट के इन्फेक्शन का खतरा क्यों बढ़ जाता है?
गर्मी के मौसम में तापमान और नमी दोनों बढ़ जाते हैं। ऐसे माहौल में बैक्टीरिया बहुत तेजी से पनपते हैं, जिससे खाने-पीने की चीजें जल्दी खराब होने लगती हैं। यही वजह है कि गर्मियों में फूड पॉइजनिंग और पेट के इन्फेक्शन के मामले अधिक देखने को मिलते हैं।
अगर कोई व्यक्ति बासी, खुले में रखा हुआ या ठीक से स्टोर न किया गया भोजन खाता है, तो उसे उल्टी, दस्त, पेट दर्द और कमजोरी जैसी परेशानियां हो सकती हैं। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में यह समस्या ज्यादा गंभीर हो सकती है।
हर बासी खाना खराब नहीं होता, लेकिन सावधानी जरूरी है
कई परिवारों में दिन का बना खाना रात में या रात का खाना अगले दिन खाया जाता है। ऐसा करना सामान्य बात है, लेकिन भोजन को सुरक्षित रखने और दोबारा इस्तेमाल करने का तरीका सही होना चाहिए।
गर्मी में दूध से बनी चीजें, पका हुआ चावल, सलाद, चिकन, मछली और स्ट्रीट फूड जैसी चीजें जल्दी खराब हो जाती हैं। अगर इन्हें लंबे समय तक कमरे के तापमान पर छोड़ दिया जाए तो इनमें बैक्टीरिया पनप सकते हैं।
कई बार खाना देखने और सूंघने में बिल्कुल ठीक लगता है, लेकिन उसमें हानिकारक बैक्टीरिया मौजूद होते हैं। साल्मोनेला, ई.कोलाई और स्टैफिलोकोकस जैसे बैक्टीरिया गर्मियों में भोजन को दूषित कर सकते हैं।
कुछ लोग बचा हुआ खाना बिना अच्छी तरह गर्म किए खा लेते हैं या पूरी रात बाहर रखा खाना सुबह खा लेते हैं। इससे संक्रमण का खतरा काफी बढ़ जाता है। ध्यान रखें, सिर्फ दोबारा गर्म कर लेने से हर बार बैक्टीरिया के जहरीले तत्व खत्म नहीं होते।
पेट में इन्फेक्शन होने पर कौन से लक्षण दिखाई देते हैं?
दूषित या बासी भोजन खाने के बाद शरीर कई संकेत देने लगता है। आमतौर पर ये लक्षण देखने को मिल सकते हैं:
- मतली और उल्टी
- बार-बार दस्त होना
- पेट में ऐंठन और दर्द
- बुखार
- कमजोरी और थकान
- भूख कम लगना
- शरीर में पानी की कमी
- सिरदर्द
गंभीर स्थिति में मल में खून आना, लगातार उल्टी होना, चक्कर आना या बेहोशी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
गर्मियों में स्ट्रीट फूड क्यों बन सकता है खतरा?
सड़क किनारे मिलने वाले कटे फल, चाट, गोलगप्पे और खुले में रखे खाद्य पदार्थ गर्मियों में जल्दी खराब हो सकते हैं। धूल, मक्खियां और गंदा पानी इन चीजों को दूषित बना सकते हैं। तेज गर्मी में खुले में रखा भोजन बैक्टीरिया के लिए आदर्श जगह बन जाता है, इसलिए बाहर का खाना खाते समय अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।
डिहाइड्रेशन से बचना बेहद जरूरी
फूड पॉइजनिंग या पेट के इन्फेक्शन में सबसे बड़ी समस्या शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन होती है। बार-बार उल्टी और दस्त होने से शरीर तेजी से कमजोर होने लगता है। इससे मुंह सूखना, चक्कर आना, कमजोरी और लो ब्लड प्रेशर जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
छोटे बच्चों और बुजुर्गों में यह स्थिति जल्दी गंभीर रूप ले सकती है। इसलिए अगर किसी को लगातार उल्टी, दस्त, पेट दर्द या तेज बुखार हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
ऐसी स्थिति में शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। ओआरएस, नारियल पानी, नींबू पानी और पर्याप्त मात्रा में सादा पानी शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं। साथ ही मरीज को आराम भी करना चाहिए।
बचे हुए भोजन को सुरक्षित तरीके से कैसे इस्तेमाल करें?
कई लोग पैसे बचाने के लिए खराब हो चुका खाना भी खा लेते हैं, लेकिन यह आदत सेहत पर भारी पड़ सकती है। गर्मियों में ताजा और हल्का भोजन सबसे सुरक्षित माना जाता है।
अगर आप बचा हुआ खाना दोबारा इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:
- लंबे समय तक बाहर रखा हुआ खाना खाने से बचें।
- पका हुआ भोजन ठंडा होते ही फ्रिज में रख दें।
- फल और सब्जियां खाने से पहले अच्छी तरह धोएं।
- हमेशा साफ और सुरक्षित पानी पिएं।
- खुले में रखे कटे फल और बिना ढके खाने से दूरी बनाएं।
- खाना खाने से पहले हाथ अच्छी तरह साफ करें।
- किचन और खाने की चीजों की सफाई का ध्यान रखें।
- अगर भोजन से अजीब गंध आए या स्वाद बदला हुआ लगे, तो उसे तुरंत फेंक दें।
गर्मियों में सही खान-पान ही सबसे बड़ा बचाव
तेज गर्मी में शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त पानी पीना बेहद जरूरी है। बाहर जाते समय हमेशा पानी की बोतल साथ रखें और लंबे समय तक खाली पेट न रहें। समय पर हल्का, ताजा और पौष्टिक भोजन करना शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।
गर्मियों में थोड़ी सी सावधानी और साफ-सफाई की आदत कई गंभीर बीमारियों से बचा सकती है।