देश में महंगाई का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने लोगों की परेशानी बढ़ाई थी, और उससे पहले एलपीजी सिलेंडर के दाम भी ऊपर गए थे। अब आम जनता को एक और जरूरी चीज़—दूध—की बढ़ती कीमतों का सामना करना पड़ सकता है।
सुबह की चाय और दैनिक उपयोग का अहम हिस्सा होने के कारण दूध हर घर की जरूरत है। ऐसे में इसकी कीमतों में बढ़ोतरी सीधे तौर पर घरेलू बजट पर असर डालती है। हाल ही में अमूल और मदर डेयरी जैसी बड़ी कंपनियों ने दूध के दामों में लगभग ₹2 प्रति लीटर की वृद्धि की थी। अब इसी कड़ी में केरल के प्रमुख डेयरी ब्रांड मिल्मा ने भी बड़ा फैसला लिया है।
मिल्मा ने दूध की कीमतों में ₹4 प्रति लीटर तक बढ़ोतरी करने की घोषणा की है। यह नई दरें 1 जून 2026 से पूरे केरल में लागू होंगी। इस फैसले के बाद राज्य के उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
केरल कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (केसीएमएमएफ) की निदेशक मंडल की एक अहम बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में दूध उत्पादन की बढ़ती लागत और किसानों की आर्थिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसके बाद कीमत बढ़ाने का प्रस्ताव मंजूर किया गया।
संस्था के अध्यक्ष के.एस. मणि ने बताया कि मिल्मा एक किसान-आधारित संगठन है, इसलिए कीमतों में की गई इस बढ़ोतरी का बड़ा हिस्सा सीधे दूध उत्पादकों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पशु चारे और पालन-पोषण की लागत में लगातार बढ़ोतरी के कारण किसान पहले से ही आर्थिक दबाव में हैं, ऐसे में यह कदम उन्हें कुछ राहत देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बोर्ड ने यह फैसला नई सरकार के गठन के बाद दोबारा विचार-विमर्श के बाद लिया है और मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद ही इसे अंतिम रूप दिया गया।
केरल में मिल्मा एक भरोसेमंद और व्यापक रूप से उपयोग किया जाने वाला ब्रांड है, जिस पर राज्य की बड़ी आबादी निर्भर करती है। ऐसे में दूध के दाम बढ़ने का असर लगभग हर घर की रोजमर्रा की जिंदगी और बजट पर पड़ना तय माना जा रहा है।