दिल्ली में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस ने अब पहले से कहीं ज्यादा सख्त रवैया अपना लिया है। खासकर रॉन्ग साइड ड्राइविंग यानी गलत दिशा में वाहन चलाने के मामलों में अब केवल चालान तक ही कार्रवाई सीमित नहीं है, बल्कि FIR दर्ज करने और वाहन जब्त करने जैसे कदम भी उठाए जा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क हादसों में कमी लाना और लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति अधिक जिम्मेदार बनाना है।
विशेष अभियान में हजारों चालान और सख्त कार्रवाई
हाल ही में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने दो दिनों का विशेष अभियान चलाया, जिसमें रॉन्ग साइड ड्राइविंग करने वालों पर बड़ी कार्रवाई की गई। इस दौरान कुल 12,568 चालान जारी किए गए। साथ ही 1,170 मामलों में FIR दर्ज की गई और 1,179 वाहनों को जब्त भी किया गया। पुलिस का कहना है कि गलत दिशा में गाड़ी चलाना सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण बनता जा रहा है।
अब केवल ट्रैफिक उल्लंघन नहीं, आपराधिक मामला भी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रॉन्ग साइड ड्राइविंग को अब केवल ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसे गंभीर खतरे के रूप में देखा जा रहा है। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत दिशा में वाहन चलाता है, बार-बार नियम तोड़ता है या उसकी वजह से दुर्घटना होती है, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया जा सकता है।
हर मामले में तुरंत FIR नहीं, जांच के बाद फैसला
दिल्ली पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि हर केस में तुरंत FIR दर्ज नहीं की जाती। पहले यह जांच की जाती है कि गलती जानबूझकर की गई थी या फिर सड़क पर गलत संकेत, खराब साइनेज या किसी अन्य भ्रम की वजह से ऐसा हुआ। लेकिन जहां स्पष्ट लापरवाही सामने आती है, वहां सख्त कानूनी कार्रवाई की जाती है।
सड़क सुरक्षा के लिए लगातार अभियान
ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि रॉन्ग साइड ड्राइविंग से न केवल लोगों की जान खतरे में पड़ती है, बल्कि इससे भारी ट्रैफिक जाम और गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। इसी कारण दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में नियमित रूप से विशेष चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं।
पुलिस की अपील: नियमों का पालन करें
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे जल्दबाजी या शॉर्टकट के चक्कर में गलत दिशा में वाहन न चलाएं। ट्रैफिक नियमों का पालन करें और सुरक्षित ड्राइविंग को प्राथमिकता दें। क्योंकि अब नियम तोड़ने पर सिर्फ चालान ही नहीं, बल्कि FIR, कोर्ट केस और वाहन जब्ती जैसी सख्त कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है।