दिल्ली की तेज गर्मी ने अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio को भी हैरान कर दिया। अमेरिकी दूतावास की सपोर्ट एनेक्स बिल्डिंग के उद्घाटन समारोह में उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वह अपना भाषण ज्यादा लंबा नहीं रखना चाहते, क्योंकि राजधानी की गर्मी “एक अलग ही स्तर” पर है।
रुबियो ने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं मायामी से आता हूं, जहां गर्मी और उमस आम बात है, लेकिन दिल्ली की गर्मी बिल्कुल अलग महसूस हो रही है। अभी तो शाम होने वाली है, क्या तब तक मौसम थोड़ा ठंडा नहीं होना चाहिए था?” उनके इस मजाकिया बयान पर कार्यक्रम में मौजूद लोग हंस पड़े और माहौल खुशनुमा हो गया।
भारत-अमेरिका संबंधों को बताया रणनीतिक साझेदारी की मजबूत नींव
अपने संबोधन में रुबियो ने भारत और अमेरिका के रिश्तों को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की रणनीतिक स्थिरता के लिए बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा कि भारत, अमेरिका की विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण साझेदार बन चुका है और आने वाले समय में दोनों देशों के बीच सहयोग को लेकर कई नई घोषणाएं की जाएंगी।
उन्होंने यह भी बताया कि विदेश मंत्री बनने के बाद उनकी पहली आधिकारिक बैठक क्वाड देशों के प्रतिनिधियों के साथ हुई थी, जो इस बात का संकेत है कि अमेरिका भारत के साथ साझेदारी को कितनी प्राथमिकता देता है।
पीएम मोदी और ट्रंप की साझेदारी पर भी बोले रुबियो
रुबियो ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ अपनी मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि भारत-अमेरिका संबंध इस समय बेहद मजबूत स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच भविष्य में सहयोग की असीम संभावनाएं मौजूद हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के रिश्तों को भी अहम बताते हुए कहा कि दोनों नेता लंबी अवधि की रणनीति के साथ आगे बढ़ रहे हैं और वैश्विक मुद्दों पर मिलकर काम कर रहे हैं।
व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग पर खास फोकस
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि भारतीय कंपनियां अमेरिका में 20 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश कर चुकी हैं, जो दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों की मजबूती को दर्शाता है। उन्होंने भविष्य में द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य को भी दोहराया।
रुबियो ने कहा कि टेक्नोलॉजी, निवेश, ऊर्जा और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भारत और अमेरिका के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है, जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को फायदा मिलेगा।
वीजा नीति और रक्षा सहयोग पर भी चर्चा
रुबियो ने ‘America First Visa Schedule’ का जिक्र करते हुए कहा कि नई वीजा नीति में उन पेशेवरों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो भारत और अमेरिका के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में योगदान देते हैं।
इसके अलावा उन्होंने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में संयुक्त सैन्य अभ्यासों और सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने की बात भी कही। उनके अनुसार, दोनों देश क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
नई यूएस एंबेसी बिल्डिंग का उद्घाटन
भारत दौरे के दौरान रुबियो ने नई यूएस एंबेसी सपोर्ट एनेक्स बिल्डिंग का उद्घाटन भी किया। अमेरिकी राजदूत Sergio Gor ने कहा कि यह नई इमारत वीजा सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाएगी और भारत-अमेरिका संबंधों को नई मजबूती देगी।