China Coal Mine Blast: चीन के उत्तरी शानशी प्रांत से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। यहां एक कोयला खदान में हुए भीषण गैस विस्फोट ने भारी तबाही मचा दी। इस हादसे में अब तक 90 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई मजदूर अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है और आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। हादसे वाली जगह से लेकर अस्पतालों और मृतकों के घरों तक चीख-पुकार का माहौल है। इस दुखद घटना पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संदेश साझा करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
पीएम मोदी ने जताई संवेदना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में लिखा कि भारत की जनता की ओर से वह चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और वहां के लोगों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हैं। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों को इस कठिन समय में हिम्मत देने की प्रार्थना की और लापता लोगों के जल्द सुरक्षित मिलने की कामना की।
राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दिए निर्देश
चीनी सरकारी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसे के बाद राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने तुरंत अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने घायलों के बेहतर इलाज और फंसे हुए लोगों को जल्द बाहर निकालने पर जोर दिया।
राष्ट्रपति शी, जो कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के महासचिव और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के चेयरमैन भी हैं, ने कहा कि प्रशासन को हालात पर पूरी गंभीरता से काम करना चाहिए ताकि नुकसान को कम किया जा सके।
हादसे के लिए तय होगी जिम्मेदारी
राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने यह भी कहा कि इस हादसे की पूरी जांच की जाएगी और कानून के अनुसार जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी। उन्होंने देशभर के अधिकारियों से औद्योगिक और खदान सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्क रहने की अपील की।
उन्होंने जोर देकर कहा कि भविष्य में ऐसे बड़े हादसों को रोकने के लिए संभावित खतरों की पहचान कर समय रहते उन्हें खत्म करना बेहद जरूरी है।