तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) ने संयुक्त अभियान के तहत हवाला रैकेट के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। मुंबई से सिकंदराबाद जा रही देवगिरी एक्सप्रेस ट्रेन से पुलिस ने भारी मात्रा में नकदी जब्त की है। इस मामले में चौंकाने वाली बात यह है कि करोड़ों रुपये की इस रकम को ढोने वाले कूरियर को केवल 5,000 रुपये का लालच दिया गया था।
रूटीन चेकिंग के दौरान पकड़ा गया संदिग्ध यात्री
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई बोलारम और मलकाजगिरी रेलवे स्टेशनों के बीच उस समय की गई जब रेलवे पुलिस नियमित जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान देवगिरी एक्सप्रेस के एक कोच में बैठे 40 वर्षीय यात्री की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पुलिस ने जब उसे रोककर उसके बैग की तलाशी ली, तो उसमें कपड़ों की जगह भारी मात्रा में नकदी भरी हुई मिली।
1.22 करोड़ रुपये नकद बरामद
तलाशी के दौरान पुलिस ने कुल 1 करोड़ 22 लाख 70 हजार रुपये बरामद किए। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह महाराष्ट्र के अमरावती जिले का रहने वाला है। उसने यह भी खुलासा किया कि उसे यह रकम मुंबई के एक ज्वेलरी कारोबारी से दी गई थी, जिसे सिकंदराबाद पहुंचाकर आगे एक अन्य ज्वेलरी व्यापारी को सौंपना था।
यह नकदी सिकंदराबाद के मोंडा मार्केट क्षेत्र में सक्रिय एक कारोबारी तक पहुंचाई जानी थी।
सिर्फ 5 हजार रुपये में जोखिम भरा काम
जांच में सामने आया कि इतनी बड़ी रकम की डिलीवरी के बदले आरोपी को मात्र 5,000 रुपये देने का वादा किया गया था। पुलिस ने जब उससे कैश से जुड़े दस्तावेज, टैक्स इनवॉइस या वैध स्रोत के कागजात मांगे, तो वह कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
दस्तावेजों की कमी और संदेहास्पद परिस्थितियों के चलते पुलिस ने पूरी रकम को जब्त कर लिया है।
हवाला नेटवर्क की जांच तेज
रेलवे पुलिस के अनुसार, इस मामले में ज्वेलरी कारोबार की आड़ में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी और हवाला के जरिए पैसों के अवैध ट्रांसफर का संदेह है। हाल के समय में ट्रेनों के जरिए नकदी की तस्करी के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है, जिसके चलते रेलवे स्टेशनों पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया गया है।
फिलहाल जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड और मुंबई-हैदराबाद रूट पर सक्रिय हवाला गिरोह की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई हैं।