मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अभी भी कम होता नजर नहीं आ रहा है और वैश्विक स्तर पर स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई है। अमेरिका और इज़राइल के मुकाबले ईरान के बीच तनाव की आग अभी पूरी तरह शांत नहीं हुई है। इसी बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी हालात ने अंतरराष्ट्रीय आर्थिक स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के जरिए तनाव कम करने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन किसी ठोस नतीजे की उम्मीद फिलहाल कमजोर नजर आ रही है।
इसी बीच एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है, जिसमें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप को निशाना बनाने की साजिश का उल्लेख किया गया है।
रिपोर्ट में सामने आए गंभीर आरोप
न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े एक प्रशिक्षित कमांडर पर आरोप लगाए गए हैं कि उसने इवांका ट्रंप को टारगेट करने की योजना बनाई थी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आरोपी मोहम्मद बाकर साद अल-सादी के पास इवांका के फ्लोरिडा स्थित आवास का नक्शा भी मौजूद था।
बदले की भावना से जुड़ा दावा
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आरोपी, ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेने की बात कर रहा था। सुलेमानी की लगभग छह साल पहले बगदाद में एक अमेरिकी हमले में मौत हो गई थी। माना जा रहा है कि अल-सादी, सुलेमानी को अपना आदर्श मानता था और उनकी मौत के बाद वह बदले की भावना से प्रेरित था।
धमकी भरे संदेश और ऑनलाइन गतिविधि का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, वॉशिंगटन स्थित इराकी दूतावास के पूर्व डिप्टी मिलिट्री अटैची इंतिफाध कनबर ने दावा किया कि सुलेमानी की मौत के बाद अल-सादी ने कई लोगों के सामने इवांका ट्रंप को निशाना बनाने की बात कही थी।
उसके कथित संदेश में यह भी कहा गया था कि ट्रंप परिवार को उसी तरह नुकसान पहुंचाया जाए, जैसा उनके अनुसार ईरान को झेलना पड़ा।
सोशल मीडिया पर नक्शा साझा करने का आरोप
इसके अलावा यह भी दावा किया गया है कि आरोपी ने सोशल मीडिया पर फ्लोरिडा स्थित इवांका ट्रंप के घर का नक्शा साझा किया था। कथित पोस्ट में एक धमकी भरा संदेश भी शामिल था, जिसमें अमेरिकी सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने की बात कही गई थी।
यह पूरा मामला फिलहाल रिपोर्ट्स और दावों पर आधारित है, जिसकी आधिकारिक पुष्टि विभिन्न एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है।