ईपीएफओ: यह जानकारी देशभर में लाखों पीएफ खाताधारकों के लिए बेहद फायदेमंद है। जल्द ही, BHIM ऐप की मदद से आप UPI के ज़रिए पैसे निकाल सकेंगे। NPCI के सहयोग से, बैंक द्वारा सत्यापन के बाद राशि तुरंत आपके UPI से जुड़े SBI खाते में जमा कर दी जाएगी। काम करते समय लोगों को अक्सर पैसों की ज़रूरत पड़ जाती है। वे एक ऑनलाइन फॉर्म भरकर अपने पीएफ (ईपीएफओ) खाते से पैसे निकाल सकते हैं। यह तरीका जल्द ही आम हो जाएगा, क्योंकि आप ज़रूरत पड़ने पर UPI के ज़रिए अपने पीएफ खाते से पैसे निकाल सकेंगे।
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ईपीएफओ: आप कब तक पैसे निकाल सकते हैं?
ताज़ा खबरों के अनुसार, ईपीएफओ निकासी सेवा जल्द ही शुरू होने वाली है, जो मई के पहले सप्ताह तक शुरू होने की उम्मीद है।
कौन सा ऐप आपकी निकासी में मदद करेगा?
आप BHIM ऐप का इस्तेमाल करके अपने पीएफ खाते से पैसे निकाल सकेंगे। यहां आपको दो तरह की बैलेंस राशि दिखाई देगी। एक है ‘पात्र बैलेंस’ और दूसरी है ‘न्यूनतम बैलेंस’। ‘पात्र शेष’ वह राशि है जिसे आप अपने पीएफ खाते से तुरंत निकाल सकते हैं, जबकि ‘न्यूनतम शेष’ वह 25 प्रतिशत राशि है जिसे आपको अपने पीएफ खाते में रखना अनिवार्य है।
आप अधिकतम कितनी राशि निकाल सकते हैं?
आप अपने पीएफ खाते में जमा कुल राशि का 75 प्रतिशत तक निकाल सकते हैं, लेकिन 25 प्रतिशत राशि अपने पास रखना अनिवार्य है। शुरुआत में, पीएफ खाताधारकों को प्रति लेनदेन केवल 25,000 रुपये निकालने की अनुमति होगी। यह सीमा सुरक्षा कारणों से निर्धारित की गई है, और भविष्य में इसे बढ़ाया जा सकता है।
ईपीएफओ का नया मोबाइल ऐप जल्द ही लॉन्च किया जाएगा।
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ईपीएफओ एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च करेगा। इसके माध्यम से सदस्य यूपीआई गेटवे (epfo upi withdrawal) का उपयोग करके पैसे निकाल सकेंगे और पासबुक बैलेंस जैसी अन्य सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। वर्तमान में, सदस्य अपने ईपीएफ खातों तक पहुंचने और सेवाओं का लाभ उठाने के लिए यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) पोर्टल या ‘यूएमएएनजी’ ऐप का उपयोग करते हैं।
हालांकि, ये सेवाएं दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेंगी, जबकि नया समर्पित ऐप ईपीएफओ ग्राहकों के लिए पहुंच को बेहतर बनाएगा। ग्राहक मोबाइल ऐप के माध्यम से अपने बैंक खातों में ट्रांसफर के लिए उपलब्ध अपने पात्र ईपीएफ बैलेंस को देख सकेंगे। वे लेनदेन पूरा करने के लिए अपने जोड़े गए यूपीआई पिन का उपयोग कर सकेंगे, जिससे बैंक खातों के बीच धनराशि का सुरक्षित हस्तांतरण सुनिश्चित होगा।