अमेरिका में ‘साइलेंट किलर’ का खतरा! जहरीले केमिकल के डर से 40 हजार लोग घर छोड़ने को मजबूर

Saroj kanwar
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Science News: अमेरिका के कैलिफोर्निया में जहरीले केमिकल के संभावित रिसाव ने हजारों लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ऑरेंज काउंटी के गार्डन ग्रोव इलाके में स्थित एक एयरोस्पेस फैक्ट्री में केमिकल स्टोरेज टैंक के अत्यधिक गर्म हो जाने के बाद हालात इतने गंभीर हो गए कि प्रशासन को करीब 40 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजना पड़ा। अधिकारियों को आशंका है कि यदि टैंक फटता है, तो बड़ा विस्फोट और जहरीली गैस का फैलाव हो सकता है।

जानकारी के मुताबिक, यह घटना जीकेएन एयरोस्पेस फैक्ट्री में हुई, जहां एक स्टोरेज टैंक का तापमान अचानक तेजी से बढ़ने लगा। इसके बाद आसपास के कई इलाकों—गार्डन ग्रोव, अनाहेम, स्टैंटन, साइप्रस, बुएना पार्क और वेस्टमिंस्टर—में अलर्ट जारी कर दिया गया। राहत एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और टैंक को ठंडा करने का काम जारी है।

क्या है मिथाइल मेथाक्राइलेट (MMA)?

जिस केमिकल के कारण यह आपात स्थिति पैदा हुई है, उसे मिथाइल मेथाक्राइलेट (MMA) कहा जाता है। यह एक रंगहीन तरल रसायन है, जिसका उपयोग एक्रिलिक प्लास्टिक, पेंट, रेजिन, चिपकने वाले पदार्थ, डेंटल प्रोडक्ट्स और विमान की खिड़कियां बनाने में किया जाता है। इसकी गंध हल्की मीठी होती है, लेकिन इसके वाष्प बहुत तेजी से हवा में फैल जाते हैं।

क्यों बढ़ रहा है खतरा?

विशेषज्ञों के अनुसार MMA बेहद ज्वलनशील केमिकल है। आग, चिंगारी या ज्यादा तापमान के संपर्क में आने पर इसके वाष्प विस्फोट का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा इसमें “थर्मल रनअवे” का खतरा भी होता है। इस प्रक्रिया में केमिकल खुद प्रतिक्रिया कर गर्मी पैदा करता है और यदि तापमान लगातार बढ़ता रहे, तो टैंक के अंदर दबाव खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति में टैंक फटने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

सेहत पर भी गंभीर असर

अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (EPA) के मुताबिक, MMA के संपर्क में आने से आंखों, त्वचा, नाक और गले में तेज जलन हो सकती है। यदि इसके जहरीले वाष्प अधिक मात्रा में सांस के जरिए शरीर में पहुंच जाएं, तो सिरदर्द, चक्कर, उल्टी और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

राहत और बचाव अभियान जारी

रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रभावित टैंक में लगभग 7,000 गैलन केमिकल मौजूद है। फायर ब्रिगेड की टीमें रिमोट कंट्रोल पानी की बौछारों से टैंक को लगातार ठंडा कर रही हैं, ताकि तापमान नियंत्रित रखा जा सके। साथ ही केमिकल को आसपास की नालियों और जल स्रोतों तक पहुंचने से रोकने के लिए रेत की बोरियां लगाई गई हैं।

हालांकि अधिकारियों का कहना है कि टैंक का तापमान फिलहाल कुछ हद तक स्थिर हुआ है, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है। प्रशासन ने लोगों को सख्त निर्देश दिए हैं कि आधिकारिक अनुमति मिलने तक वे अपने घरों में वापस न लौटें।

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