Web GIS 2.0 launch: खसरा खतौनी की कॉपी अब वॉट्सएप पर,मोबाइल पर चेक कर सकेंगे जमीन पर कितना टैक्स बकाया, कोई केस तो नहीं

Saroj kanwar
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मध्य प्रदेश सरकार  ने भू-अभिलेख पोर्टल का नया संस्करण वेब जीआईएस 2.0 लॉन्च कर दिया है। अब लैंड रिकॉर्ड से जुड़े कामों के लिए पटवारी या तहसील दफ्तर(PATWARI TAHSIL OFFICE) के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। नागरिक अपनी जमीन की ई-केवाईसी (EKYC)खुद कर सकेंगे। इसके लिए केवल आधार और समग्र आईडी(ID) की जरूरत होगी। ई-केवाईसी(EKYC) पूरी होते ही जमीन का ऑटोमैटिक सत्यापन (AUTOMATIC SATYAPAN)हो जाएगा। इससे कोई भी आपकी प्रॉपर्टी को गलत तरीके से अपनी बताकर बेच नहीं पाएगा। साथ ही जमीन पर मकान, बिजली बिल, जलकर, बैंक लोन (BANK LOAN)या कृषि से जुड़ा कोई बकाया है तो वह जानकारी भी पोर्टल(PORTAL) पर मिल सकेगी।

20 से ज्यादा विभागों की सेवाओं से जोड़ा

अभी तक जमीन पर कोर्ट केस (COURT CASE)के बाद कई पेशियों तक संबंधित को जानकारी नहीं मिल पाती थी। अब जैसे ही केस दर्ज होगा, वैसे ही संबंधित को एसएमएस (SMS)के जरिए जानकारी मिल जाएगी। साथ ही जमीन पर किसी भी तरह का रिकॉर्ड अपडेट होने पर भी एसएमएस(SMS) आएगा। सरकार ने 20 से ज्यादा विभागों की सेवाओं से इसे इंटीग्रेट कर दिया है।

मोबाइल फ्रेंडली(MOBILE FRIENDLY), गांवों को ज्यादा फायदाः जीआईएस(GIS)

2.0 को मोबाइल फ्रेंडली डिजाइन (mobile friendly design)किया गया है। खसरा, खतौनी, नक्शा, ऋण पुस्तिका की प्रमाणित प्रति अब सीधे मोबाइल पर व्हाट्सएप से मिल जाएगी।


मल्टीपल (multiple)आवेदन भी कर सकेंगेः पहले हर document के लिए अलग-अलग आवेदन करना पड़ता था। अब नई सुविधा में एक ही बार में खसरा, नक्शा, खतौनी सहित कई प्रतियों का मल्टीपल आवेदन कर सकेंगे।

सुरक्षित लॉगिन और मोबाइल एपः मोबाइल नंबर या ईमेल(mobile number ,email)

से लॉगिन की सुविधा डबल फैक्टर वेरिफिकेशन (password and OTP) से सुरक्षा और मजबूत मोबाइल एप(mobile app) आधारित लॉगिन से कहीं से भी एक्सेस करना संभव ।

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