Varanasi-Lucknow Highway : वाराणसी-लखनऊ हाईवे पर अब फर्राटा भरेंगे वाहन, तीन साल बाद परियोजना हुई पूरी 

Saroj kanwar
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वाराणसी-लखनऊ हाईवे पर अब वाहन बिना किसी बाधा के वाहन फर्राटा भरेंगे। वाराणसी-लखनऊ हाईवे पर तीन साल से परियोजना बीच में अटकी पड़ी थी, इसके कारण वाहन जाम में फंसे रहते थे। छह किलोमीटर का मार्ग फोरलेन नहीं बन पाया था, लेकिन अब उसका काम पूरा हो गया है।

सुलतानपुर से करीब छह किलोमीटर आगे (जौनपुर की तरफ) सड़क डायवर्जन किया गया था, क्योंकि हनुमानगंज बाईपास अधूरा था। डायवर्जन की वजह से वाहन पुराने दो लेन मार्ग से गुजारे जा रहे थे, ऐसे में हनुमानगंज रेलवे क्रासिंग पर जाम लगता, लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। करीब 4.70 किलोमीटर लंबा डायवर्जन मार्ग लोहरामऊ से शुरू होकर दोमुहां (पखरौली) में फोरलेन सड़क से जुड़ता था। अब 5.97 किलोमटीर लंबा बाईपास शुरू होने से जाम की समस्या दूर हो गई है।

गोपालपुर के पास नया आरओबी भी बनाया गया है, इस कारण वाहनों की निर्बाध आवाजाही मुमकिन हुई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने फोरलेन बाईपास का निर्माण 19 अक्टूबर 2022 को करीब 80 करोड़ रुपये की लागत से शुरू कराया था, लेकिन परियोजना विलंबित हो गई।

यह प्रोजेक्ट अप्रैल 2024 में पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन कई बार समय सीमा बढ़ानी पड़ी। विधानसभा की आश्वासन समिति के समक्ष मामला उठाया गया था, यह समिति प्रोजेक्ट की निगरानी कर रही थी। हर महीने रिपोर्ट तलब होती। 15 जुलाई को प्रोजेक्ट को अंतिम रूप दिया गया और ट्रैफिक चालू कर दिया गया।

दिल्ली की कंपनी विद्या इन्फ्रास्ट्रक्चर को निर्माण एजेंसी नियुक्त किया गया था। विलंबित परियोजना के चलते कंपनी पर जुर्माना लगाने की भी तैयारी चल रही है। एनएचएआइ के परियोजना निदेशक पंकज मिश्रा ने बताया कि पुराने मार्ग की तुलना में बाईपास की 1,233 मीटर लंबाई बढ़ाई गई है। परियोजना विलंबित होने से वाहनों को रेलवे क्रासिंग पार करते हुए जाना पड़ता था लेकिन अब समस्या नहीं होगी।

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