अगर आप भी ट्रेन में सफर करने जा रहे तो तो आपके लिए यह खबर बहुत ही काम का होने वाला है। ऐसे में आप सभी इस खबर में आखिर तक जरुर पढ़े ताकि आपको पूरी जानकारी विस्तार से पता चल सके। बता दे भारत को देश में बुलेट ट्रेन का बेसब्री इंतजार है। वही खासकर मुंबई ने अहमदाबाद रुट पर बता दे कि यहां पर जापानी बुलेट ट्रेन से शिंकानसेन चलाने की स्कीम है। लेकिन निर्माण में देरी के कारण इसका का संचालन अभी संभव नहीं है। वही स्थिति को देखते भारतीय रेलवे नई योजना तैयार की है ताकि उच्च गति वाली परिवहन प्रणाली को ज्यादा से ज्यादा आरंभ किया जा सके।
जापान से मिलिट्री ने भारत नहीं पहुंचती है
रेलवे की नई स्कीम के मुताबिक ,जब तक जापानी ट्रेने नहीं आती तब तक हाई स्पीड कॉरिडोर पर वंदे भारत ट्रेन दौड़ेगी । वही जापानी शिंकानसेन बुलेट ट्रेनों की खरीद सौदे में देरी की वजह से इस ट्रैक पर बंदे भारत ट्रेनों को चलाने की तैयारी किया जा रहे हैं। रेल मंत्रालय ने एक फैसला लिया है की बुलेट ट्रेन की ट्रैक पर वंदे भारत को ट्रेनों को 280 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ़्तार से दौड़ी जा सकता है यानी जब तक जापान से मिलिट्री ने भारत नहीं पहुंचती है तब तक बुलेट ट्रेन की ट्रेक पर वनडे भारत अपने अधिकतम स्पीड के साथ दौड़ेगी।
,रेल मंत्रालय ने बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर वंदे भारत ट्रेनों के सिग्नलिंग सिस्टम की निवेदन निकाली है
मिडिया रिपोर्टर में मिली जानकारी के मुताबिक ,रेल मंत्रालय ने बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर वंदे भारत ट्रेनों के सिग्नलिंग सिस्टम की निवेदन निकाली है। इसके इसके बाद इस बात के संकेत मिले वहीवनडे भारत को स्वदेशी बुलेट ट्रेन के रूप में विकसित करने के लिए सिग्नलिंग और ट्रेन नियंत्रण प्रणाली को डिजाइनिंग, निर्माण, सप्लाई, इंस्टॉल और मेंटेनेंसफर पर जोड़ दिए जा रहे हैं।
वहीं जापान की बुलेट ट्रेन शिंकानसेन संचालन में देरी के कारण पूरे कॉरिडोर पर ट्रेनों का संचालन 2033 से पहले संभव नहीं होंगे। वहीं इस बीच भारत में बुलेट ट्रेन चलाने की तैयारी किए जा रहे हैं और उम्मीद है कि बंदे भारत ट्रेनों का वाणिज्यिक परिचालन इस ट्रैक पर 2027 में शुरू हो सकते हैं। बुलेट ट्रेन नहीं आ जाते तब तक इस फैसले से यात्रियों को तेज और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा।