अंतरराष्ट्रीय बाजार में काबुली चने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। इसका सीधा असर भारत, खासकर मध्यप्रदेश के प्रमुख काबुली चना मंडियों समेत छावनी अनाज मंडी पर भी दिखाई दे रहा है, जहां बीते कुछ दिनों से भाव स्थिर हैं, लेकिन मांग में सुस्ती बनी हुई है। कनाडा के पश्चिमी हिस्सों में काबुली चना फिलहाल 32 से 35 सेंट प्रति पौंड (करीब 59 से 65 प्रति किलो) के बीच बिक रहा है।
व्यापारियों का कहना
है कि जुलाई के अंत में हुई बेमौसमी वर्षा से फसल की गुणवत्ता पर असर पड़ा है। चने के दानों में रंगत और आकार को लेकर आशंका जताई जा रही है, जिससे निर्यातकों और खरीदारों में हिचकिचाहट दिख रही है। फसल की कटाई में देरी और गुणवत्ता को लेकर अनिश्चितता के चलते कनाडा के कुछ उत्पादकों ने अपने पिछले साल के स्टॉक को तेजी से बेचना शुरू कर दिया है। वहीं, खरीदारों की नजर नई फसल पर टिक गई है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव और बढ़ गया है। यही कारण है कि फिलहाल भाव में तेजी की कोई संभावना नहीं दिख रही। छावनी अनाज मंडी में काबुली चना इस सप्ताह 9,200 से 10,200 प्रति क्विंटल के दायरे में कारोबार करता रहा।