Sone Ka Rate :रविवार शाम को धड़ाम से गिरी सोने चांदी की कीमत, जाने 14 और 18 कैरेट सोने का भाव

Saroj kanwar
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Sone Ka Rate: जुलाई 2025 की शुरुआत के साथ ही भारत के सर्राफा बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में हलचल तेज हो गई है. विशेषकर 6 जुलाई को उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों में सोना और चांदी दोनों में मजबूत तेजी देखने को मिली है. अगर आप गहनों की खरीदारी या निवेश की योजना बना रहे हैं, तो यह अपडेट आपके लिए बेहद उपयोगी है.

यूपी में सोना चढ़ा ₹98,980 प्रति 10 ग्राम तक

उत्तर प्रदेश के लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर, वाराणसी और अन्य शहरों में रविवार को 24 कैरेट सोना ₹98,980 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया.
वहीं,

  • 22 कैरेट सोना ₹90,750 प्रति 10 ग्राम,
  • 18 कैरेट सोना ₹74,250 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया.

शनिवार की तुलना में इन दरों में ₹100 से ₹150 तक की बढ़त देखी गई है. इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग बढ़ना और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी प्रमुख वजह मानी जा रही है.

चांदी भी पहुंची ₹1.10 लाख प्रति किलोग्राम

चांदी की कीमतों में भी तेजी जारी है.

उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों के साथ-साथ मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बाजारों में भी चांदी ₹1,10,000 प्रति किलो के करीब पहुंच गई है.

हालांकि शनिवार को कुछ बाजारों में चांदी ₹1,20,000 प्रति किलो पर स्थिर थी, लेकिन रविवार को इसमें थोड़ी गिरावट के बाद फिर से मजबूती आई. यह बदलाव लघु अवधि के निवेशकों के लिए खास संकेत हो सकता है.

एमपी और छत्तीसगढ़ के शहरों में क्या है सोने-चांदी के भाव?

  • बैंकबाजार डॉट कॉम के अनुसार:
  • भोपाल में 22 कैरेट सोना ₹91,400, 24 कैरेट ₹95,970 प्रति 10 ग्राम है.

इंदौर और रायपुर में भी यही रेट देखने को मिल रहे हैं.

चांदी की कीमतें फिलहाल इन राज्यों में स्थिर बनी हुई हैं, लेकिन मांग बढ़ने पर बदलाव संभव है.

क्या सोना सस्ता हो सकता है?

वित्त विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया उतार-चढ़ाव के बाद बाजार धीरे-धीरे स्थिर हो रहा है.
यदि अंतरराष्ट्रीय संकेत स्थिर रहते हैं, तो सोने की कीमत आने वाले दिनों में ₹95,000 प्रति 10 ग्राम के करीब आ सकती है.

हालांकि बाजार में अचानक कोई बड़ा बदलाव आ सकता है, इसलिए निवेश से पहले बाजार का विश्लेषण जरूरी है.निवेश से पहले यह बात जरूर ध्यान रखें

  • इन सभी कीमतों में स्थानीय कर, मेकिंग चार्ज, और ज्वेलरी की गुणवत्ता के अनुसार अंतर हो सकता है.
  • ये दरें अनुमानित हैं और स्थानीय ज्वेलर से रेट की पुष्टि करना जरूरी है.
  • खासकर त्योहारी सीजन या शादी-ब्याह के मौसम में रेट में उतार-चढ़ाव ज्यादा हो सकता है.

क्या करना चाहिए खरीदारों और निवेशकों को?

अगर आप निवेश के लिहाज से सोना या चांदी खरीदने का विचार कर रहे हैं, तो यह समय रणनीतिक नजरिए से उचित हो सकता है.
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि:

और भविष्य में संभावित बढ़ोतरी को ध्यान में रखकर निर्णय लें.

कम मात्रा में निवेश कर शुरुआत करें,

रेट गिरने का इंतजार करने की बजाय लॉन्ग टर्म प्लानिंग करें,

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