Taxi Driver App Scheme :सरकारी स्कीम से बढ़ेगी टैक्सी ड्राइवर की कमाई, यात्रियों को भी होगा सीधा फायदा

Saroj kanwar
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Taxi Driver App Scheme: देश के टैक्सी परिचालन क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आने वाला है. अब टैक्सी चालक सहकारी मॉडल पर आधारित ऐप से अपनी सेवाएं दे सकेंगे. जिससे उन्हें किसी निजी कंपनी को भारी कमीशन नहीं देना होगा. वहीं यात्रियों को भी कम किराये में सुविधा मिल सकेगी. यह सेवा ओला-उबर जैसे मॉडलों को टक्कर देने के लिए तैयार की जा रही है.

किन शहरों से होगी टैक्सी सेवा की शुरुआत?


गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की पहल पर यह योजना मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव एक्ट के तहत शुरू की गई है. दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और पुणे जैसे मेट्रो शहरों में 2025 के अंत तक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा. अगले चरण में अन्य राज्यों की राजधानियों और प्रमुख शहरों में इसका विस्तार होगा. भविष्य में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को भी इस सेवा से जोड़ा जाएगा.

ड्राइवरों को मिलेगी स्वतंत्रता और कमाई का पूरा हक


इस सेवा के तहत टैक्सी चालकों को अब अपनी मेहनत की पूरी कमाई मिलेगी. ड्राइवर ही समिति के सदस्य और ऐप के सह-मालिक होंगे. उन्हें किसी भी निजी कंपनी को 25-30% का कमीशन नहीं देना पड़ेगा. इसके स्थान पर मात्र 3-4% सेवा शुल्क समिति के खाते में जमा होगा, जो बाद में बीमा, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में उपयोग होगा.


यात्रियों को भी मिलेगा पारदर्शी किराया और बेहतर अनुभव


इस सेवा में सरकारी मानकों के अनुरूप किराया तय होगा और इसे यात्रियों को UPI, डेबिट कार्ड या नकद के माध्यम से भुगतान करने की सुविधा होगी. यात्रियों की सुरक्षा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए महिला सुरक्षा फीचर्स, ड्राइवर रेटिंग और प्रोफाइल की भी व्यवस्था होगी.।


एक ही मोबाइल ऐप से बुकिंग, मालिक होंगे ड्राइवर


एकीकृत मोबाइल ऐप का विकास किया जा रहा है. जिसे सीएससी और स्टार्टअप इंडिया मिलकर तैयार करेंगे. यह ऐप हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होगा. ड्राइवर ही इस ऐप के मालिक और ऑपरेटर होंगे. ऐप का पूरा नियंत्रण समिति के पास होगा और सभी फीचर्स का निर्धारण भी वे ही करेंगे.

प्रत्येक शहर में बनेगी टैक्सी चालकों की समिति


हर शहर में टैक्सी चालकों की एक सहकारी समिति बनेगी. जिसमें वही ड्राइवर शामिल होंगे जो सदस्य होंगे. प्रारंभिक चरण में 500 टैक्सी ड्राइवर चुने जाएंगे. जिनके साथ सेवा शुरू होगी. जैसे-जैसे सेवा का विस्तार होगा, सदस्यता और कवरेज भी बढ़ेगा.


किराया तय करने और नियम बनाने का अधिकार समिति के पास


इस टैक्सी सेवा का सबसे खास पहलू यह होगा कि किराया और नियम खुद समिति द्वारा तय किए जाएंगे. इससे न सिर्फ किराये की पारदर्शिता बनी रहेगी. बल्कि यात्रियों और चालकों के बीच भरोसे का वातावरण भी तैयार होगा. ऐप से बुकिंग के साथ-साथ फीडबैक सिस्टम और लोकल शिकायत निवारण तंत्र भी जोड़े जाएंगे.

सहकारी संस्थाओं का मजबूत समर्थन


इस पूरी योजना में अमूल, नेफेड, नाबार्ड, इफको, कृभको और एनसीडीसी जैसी संस्थाओं का सहयोग लिया जा रहा है. नेफेड निवेश समाधान, जबकि एनसीडीसी डेटा प्रबंधन और नेटवर्किंग का कार्य देखेगा. राज्य सरकारें स्थानीय समितियों के गठन और संचालन का जिम्मा संभालेंगी.

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