Success Story: शिक्षक की बेटी बनी वित्त विभाग की अस्सिटेंट डायरेक्टर, मप्र की सीमा बड़ोले ने 7 साल की कठोर परिश्रम के बाद हासिल किया यह मुकाम 

Saroj kanwar
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Success Story: मप्र की बेटी सीमा बड़ोले ने कठोर परिश्रम से सफलता का परचम लहराकर अपने परिवार ही नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले का पूरे राज्य में नाम रोशन कर दिया है। मप्र लोक सेवा आयोग से होने वाली राज्य सेवा परीक्षा-2024 में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के इंटरव्यू में चयन होने के बाद शुक्रवार को चयन सूची जारी की गई। इसमें जिले के कुसमरी गांव की सीमा बड़ोले का चयन वित्तीय विभाग में अस्सिटेंट डायरेक्टर के लिए हुआ है। वह गांव की पहली महिला राज्य प्रशासनिक अधिकारी बनी है। उनके पिता बलूसिंह बड़ोले शिक्षक है। उन्होंने 6 बेटियों व एक बेटे को पढ़ाने के लिए कठिन संघर्ष किया। सीमा ने 7 साल कठिन परिश्रम कर यह सफलता प्राप्त की।

सीमा ने 8वीं तक की पढ़ाई बिलवानी गांव के शास. स्कूल में की। कक्षा 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई शास. उत्कृष्ट हायर सेकंडरी स्कूल बड़वानी में की। शास. होलकर कॉलेज इंदौर से 2019 में ग्रेजुएशन पूरा किया। बीएससी करने के बाद एमपी पीएससी की तैयारी करने के बाद पहली बार प्रारंभिक परीक्षा देकर इंटरव्यू तक पहुंची लेकिन चयन नहीं हुआ। वर्ष 2020 के इंटरव्यू में भी चयन नहीं हुआ। वर्ष 2021 के इंटरव्यू में उन्हें अस्सिटेंट ट्रेजरी ऑफिसर पद पर चयन हुआ। वह इंदौर में इस पद पर सेवाएं दे रही है। वर्ष 2022 की परीक्षा के इंटरव्यू में बीडीओ का पद मिला लेकिन नौकरी नहीं की। 

7 साल की कठोर परिश्रम के बाद हासिल किया यह मुकाम

वर्ष 2024 की परीक्षा और इंटरव्यू देने के बाद इस साल जारी हुई सूची में उन्हें वित्त विभाग में सहायक संचालक का पद मिला। सीमा 6 बार इंटरव्यू दे चुकी है। 7 साल की कठिन मेहनत व परिश्रम करने के बाद सफलता मिली। बड़ी बहन शिक्षिका प्रीति बड़ोले ने तैयारी के लिए हौसला बढ़ाया। सीमा की छोटी बहन सहायक प्राध्यापक की तैयारी कर रही है। छोटा भाई विनीत 11वीं में है। भागीरथ आर्य, अमरेश गिरासे, सोनू गाठे, पायल फगोरे, प्रियंका, निखिल, कोमल, प्रेरणा, सपना व ग्रामीणों ने हर्ष जताया।

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