मध्यप्रदेश के उज्जैन व नागदा क्षेत्र में हो रही बारिश ने मुरझाने की स्थिति में पहुंची फसलों को राहत दी है, मगर इल्लियों का प्रकोप जारी हैं। इल्लियों ने सोयाबीन के पौधों में छेद कर दिए है। किसानों ने बताया कि फसल को इल्ली के प्रकोप से बचाने के लिए स्प्रे का छिड़काव कर रहें हैं। किसानों का मानना है कि फसलों में इल्ली लगने से उत्पादन प्रभावित होगा।
इसके अलावा कहीं-कहीं पीलेपन की शिकायत भी आ रही है। वहीं कृषि विभाग के एसएडीओ संदीप करोड़े ने बताया कि वे किसानों की शिकायत अनुसार मौके पर पहुंचकर उन्हें उचित सलाह दे रहें हैं। इल्ली के प्रकोप से सोयाबीन के उत्पादन में गिरावट आएगी। इसलिए किसानों को कम उत्पादन का डर सताने लगा है।
3 दिन में 4 डिग्री गिरा अधिकतम तापमान
तहसील में बीते सप्ताहभर से बारिश का सिलसिला चल रहा है। आंकड़ों के अनुसार गुरुवार सुबह 3 से शुक्रवार सुबह 3 बजे तक 9.0 एमएम यानी लगभग एक इंच से भी कम बारिश दर्ज की गई है। गुरुवार दिनभर मौसम सुहावना रहा, शाम करीब 5 बजे रिमझिम बारिश हुई। आसमान में बादल छाने से वातावरण में नमी घुली हुई है. इससे मौसम भी ठंडा बना हुआ है।
कोटे की 50 फीसदी से ज्यादा बारिश
तहसील में बारिश का सिलसिला चल रहा है। औसत बारिश 36 इंच के मुकाबले अब तक 21.97 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। यह सीजन के कोटे की 50 फीसदी से अधिक है। हालांकि पिछले साल के मुकाबले इस साल 6.2 इंच पानी कम बरसा है। पिछले साल इस अवधि में कुल 28.17 इंच पानी बरस चुका था।
आगे बारिश का येलो अलर्ट
मौसम वैज्ञानिक डॉ. केएस किराड ने बताया कि अलग-अलग सिस्टम मानसूनी सिस्टम बनने से बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक बारिश का येलो अलर्ट जारी किया हुआ है।
लगातार हो रही बारिश ने लोगों को उमस से राहत दी है। तीन दिन में अधिकतम तापमान 4 डिग्री तक गिर गया है। वहीं रात के तापमान में एक डिग्री का अंतर है। 20 अगस्त के अधिकतम तापमान 30 डिग्री के मुकाबले शुक्रवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि गुरुवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री था। वहीं रात का तापमान 23 डिग्री दर्ज किया गया।