सोयाबीन में पहली 150 रुपए की गिरावट लंबे समय बाद देखी जा रही है। अभी तक भाव तेजी वाले ही बने हुए थे। सीजन में 4250 से 4300 के भाव चल रहे थे जो बढ़ते-बढ़ते 5400 तक पहुंच गए। बीज वाला 6170 तक हो गया।
बुधवार को मंडी नीलामी में डेढ़ सौ रुपए भाव कम बोले गए। सोयाबीन प्लांट ने खरीदी ऑफर भी 150 रुपए कम कर दिए। लंबे समय से चल रही तेजी को भी प्लांट की एकतरफा खरीदी और भावांतर योजना का ही कारण माना गया है। अब तेल डीओसी व पोल्ट्री की मांग समाप्त मानी जाने से सोयाबीन में गिरावट का दौर शुरू हो रहा है। प्लांट पहले सोयाबीन की शॉर्टज मानकर तेजी की स्थिति में सोयाबीन को ले आए थे लेकिन एक दिन में ही भाव में भारी गिरावट आ गई। विदेश का सोयाबीन शीघ्र आने से तेजी वाले भाव अब नहीं रह पाएंगे। विदेश में सोयाबीन की भरपूर उपलब्धता मानी जाने और विदेश से सोयाबीन शीघ्र आने से तेजी वाले भाव अब नहीं रहेंगे। इधर विश्लेषकों के अनुसार सोयाबीन के भाव में बड़ी तेजी चल रही थी।
देखा जाए तो 150 रुपए की गिरावट भाव करेक्शन ही माना जाएगा। एक हफ्ते में सोयाबीन के वास्तविक भाव देखने को मिलेंगे। नीमच इधर सोयाबीन कारोबारी अमर अग्रवाल ने बताया प्लांट ने खरीदी ऑफर में कमी कर दी। लाइन 5350, इंदौर लाइन 5325 के खरीदी ऑफर रहे। उज्जैन मंडी में 50000 बोरी का स्टॉक अभी माना जा रहा है। स्टॉक वाले इस समय बिक्री से दूरी बनाकर चल रहे हैं।
इन्हें 6000 से अधिक भाव की संभावना लगी हुई थी, लेकिन एक दिन में डेढ़ सौ रुपए भाव घट जाने से स्टॉक वालों ने बुधवार की दोपहर बाद सोयाबीन के खरीदार तलाशते रहे। इधर विदेश का सोयाबीन 4800 पोर्ट पर आकर पड़ेगा, ऐसे में देश के सोयाबीन के भाव में अब कोई खास तेजी नहीं मानी जा रही है।
इधर मंडी कारोबारी आशीष मेठी ने बताया सोयाबीन के भाव में लगातार तेजी चल रही थी और यह भाव जो डेढ़ सौ रुपए कम हुए हैं। इससे कोई मंदी का माहौल नहीं है। अभी भी भाव की तेजी बनी हुई है। एक दिन में डेढ़ सौ रुपए भाव घटे तो इसे भाव गिरना नहीं माना जाएगा। इनके अनुसार सीजन में 4300 भाव रहे और सीजन के दो माह में 5300 के भाव हो गए। 1000 की तेजी मिल गई फिर भी सोयाबीन के भाव की तेजी और मंदी विदेश के हाथ में होती है। अगर विदेश में भाव महंगे होंगे तो देश में भी सोयाबीन महंगा बिकेगा।