SIP Investment Plan: आज के समय में अगर कोई व्यक्ति बिना ज्यादा जोखिम उठाए धीरे-धीरे बड़ा फंड बनाना चाहता है, तो SIP को सबसे अच्छा तरीका माना जाता है। SIP में हर महीने एक तय रकम निवेश की जाती है, जिससे समय के साथ कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है। खास बात यह है कि इसमें कम रकम से भी शुरुआत की जा सकती है और लंबे समय में यह रकम लाखों में बदल जाती है।
SIP क्या होती है और कैसे काम करती है?
SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान में हर महीने एक तय राशि म्यूचुअल फंड में निवेश की जाती है। यह पैसा शेयर बाजार से जुड़े फंड्स में लगाया जाता है, जिससे लंबे समय में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना रहती है। बाजार में उतार-चढ़ाव चलता रहता है, लेकिन लंबी अवधि में SIP का असर सकारात्मक माना जाता है। नियमित निवेश की वजह से जोखिम भी धीरे-धीरे कम हो जाता है।
4 हजार रुपये महीने की SIP पर कितना पैसा बनेगा?
आपकी भेजी गई फोटो के अनुसार अगर कोई व्यक्ति हर महीने 4,000 रुपये की SIP करता है और उसे औसतन 14 प्रतिशत सालाना रिटर्न मिलता है, तो 20 साल में कुल निवेश 9,60,000 रुपये होता है। इस निवेश पर अनुमानित रिटर्न 37,33,897 रुपये बनता है। यानी 20 साल बाद SIP की कुल वैल्यू बढ़कर लगभग 46,93,897 रुपये हो जाती है।
पैसा इतना कैसे बढ़ जाता है?
SIP में सबसे बड़ा रोल समय और कंपाउंडिंग निभाती है। शुरुआत के कुछ सालों में बढ़त ज्यादा नजर नहीं आती, लेकिन जैसे-जैसे समय बढ़ता है, ब्याज पर ब्याज जुड़ने लगता है। आखिरी कुछ सालों में पैसा बहुत तेजी से बढ़ता है और यहीं से SIP का असली फायदा दिखता है। जितना लंबा समय, उतना ज्यादा फायदा।
कम रकम से बड़ा फंड क्यों बनता है?
4,000 रुपये महीने की रकम ज्यादातर लोगों के बजट में आसानी से फिट हो जाती है। यही छोटी-छोटी मासिक बचत जब लगातार 20 साल तक की जाती है, तो यह एक बड़ा फंड बन जाती है। SIP की ताकत यही है कि यह आम आदमी को भी लंबे समय में बड़ा लक्ष्य हासिल करने का मौका देती है।
किन लोगों के लिए यह SIP सही है?
यह SIP प्लान नौकरीपेशा लोगों, युवाओं, गृहिणियों और छोटे व्यापारियों के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। जो लोग बच्चों की पढ़ाई, शादी या रिटायरमेंट के लिए फंड बनाना चाहते हैं, उनके लिए 4 हजार रुपये की SIP एक मजबूत शुरुआत साबित हो सकती है। जल्दी शुरुआत करने वालों को इसका फायदा और ज्यादा मिलता है।
Disclaimer: यह जानकारी आपकी भेजी गई फोटो में दिए गए कैलकुलेशन और अनुमानित रिटर्न पर आधारित है। म्यूचुअल फंड बाजार से जुड़ा निवेश है और इसमें रिटर्न घट-बढ़ सकता है। निवेश करने से पहले किसी वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें और स्कीम से जुड़े सभी दस्तावेज ध्यान से पढ़ें।