‘शी मार्ट’ पहल: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी, 2026 को पेश किया गया बजट महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम था। सरकार ने ‘शी मार्ट’ नामक एक समर्पित खुदरा मंच के शुभारंभ की घोषणा की, जो महिला उद्यमियों को सीधे बाजार से जोड़ेगा।
यह एक ऐसा खुदरा केंद्र होगा जहां महिलाएं अपनी दुकानें चला सकेंगी और अपने हस्तनिर्मित उत्पादों को बिना किसी बिचौलिए के सीधे ग्राहकों को बेच सकेंगी। शहरों और कस्बों में शिक्षा और छोटे व्यवसायों को अपनाने वाली लड़कियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए, यह पहल उनके लिए एक क्रांतिकारी बदलाव साबित होगी।
SHE Mart क्या है और यह कैसे काम करेगा?
SHE Mart सिर्फ एक दुकान नहीं, बल्कि महिलाओं द्वारा महिलाओं के लिए संचालित एक व्यवस्थित बाज़ार होगा। इस मंच के माध्यम से, स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं और घर से छोटे व्यवसाय शुरू करने वाली लड़कियों को एक ही छत के नीचे अपनी पहचान बनाने का अवसर मिलेगा।
बजट में कामकाजी और पढ़ाई करने वाली छात्राओं के लिए हर जिले में “गर्ल्स हॉस्टल” के निर्माण की भी घोषणा की गई है, जो दर्शाता है कि सरकार महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और आत्मनिर्भर वातावरण बनाने की दिशा में काम कर रही है। शी मार्ट इसी व्यवस्था का एक हिस्सा है, जहां स्थानीय उत्पादों को स्थानीय बाजार से जोड़कर (लोकल फॉर वोकल) महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जाएगा।
शी मार्ट में क्या बेचा जाएगा?
शी मार्ट मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा स्वयं या छोटे पैमाने पर बनाए गए उत्पादों को प्राथमिकता देगा। यहां परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
पारंपरिक और हस्तशिल्प उत्पाद
क्षेत्रीय महिलाओं द्वारा निर्मित हथकरघा उत्पाद, हस्तशिल्प, कढ़ाई वाले वस्त्र और सिलाई एवं बुनाई के उत्कृष्ट नमूने मुख्य आकर्षण होंगे। गांवों और कस्बों में बनी सजावटी वस्तुएं, जिनका पहले कोई उचित बाज़ार नहीं था, अब शी मार्ट के माध्यम से शहरी घरों तक पहुंचेंगी। इससे न केवल प्राचीन कला रूपों को जीवित रखा जा सकेगा, बल्कि कलाकारों को उनकी कला का उचित मूल्य भी मिलेगा।
शुद्ध और घर में बने खाद्य पदार्थ
आजकल लोग बाज़ार के मिलावटी उत्पादों के बजाय शुद्ध, घर में बने उत्पादों की तलाश कर रहे हैं। शी मार्ट में आपको घर में बने अचार, पापड़, शुद्ध मसाले, जैविक अनाज और अन्य घरेलू उपयोग की वस्तुएं मिलेंगी। इसका मतलब है कि अब आपकी रोज़मर्रा की ज़रूरत की चीज़ें सीधे उन हाथों से आएंगी जो शुद्धता और स्वाद की गारंटी देते हैं।