School Sunday Open: महाकाल नगरी उज्जैन में श्रावण मास की तैयारियों के चलते एक विशेष निर्णय लिया गया है। 12वीं कक्षा तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में शैक्षणिक समय सारणी में बदलाव किया गया है। अब हर रविवार को स्कूल खुलेंगे और सोमवार को अवकाश रहेगा। यह व्यवस्था श्रावण मास की सवारी के दौरान आने वाली भारी भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए लागू की गई है, ताकि छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को असुविधा न हो।
रविवार को स्कूल खोलने और सोमवार को बंद करने की वजह
श्रावण महीने में महाकाल की सवारियों के दौरान उज्जैन शहर में भारी भीड़ उमड़ती है। इससे न सिर्फ आम जनजीवन प्रभावित होता है। बल्कि स्कूल बसों और निजी वाहनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी कारण प्रशासन ने यह व्यवस्था की है कि सवारी वाले दिन (सोमवार) को स्कूल बंद रहेंगे और उसकी भरपाई एक दिन पहले रविवार को स्कूल खोलकर की जाएगी।
कब से लागू होगी नई व्यवस्था?
श्रावण मास 11 जुलाई 2025 से शुरू हो रहा है, और महाकाल की पहली सवारी 14 जुलाई को निकलेगी। इसके बाद हर सप्ताह सवारी निकलेगी और हर सोमवार को स्कूल बंद रहेंगे। नई व्यवस्था के अनुसार 14 जुलाई से 11 अगस्त तक प्रत्येक रविवार को स्कूल खुलेंगे और सोमवार को बंद रहेंगे।
सवारी वाले दिन की छुट्टी, रविवार को पढ़ाई
इस विशेष कार्यक्रम के अनुसार:
- 14 जुलाई (पहली सवारी): सोमवार को स्कूल बंद
- 13 जुलाई (रविवार): स्कूल खुले रहेंगे
- यह पैटर्न 11 अगस्त तक लागू रहेगा
- 18 अगस्त को स्थानीय अवकाश रहेगा, उस दिन भी स्कूल बंद रहेंगे
कब-कब निकलेगी महाकाल की सवारी?
महाकाल मंदिर से कुल 6 सवारियां निकाली जाएंगी, जिनकी तारीखें इस प्रकार हैं:14 जुलाई 2025 (सोमवार)
21 जुलाई 2025 (सोमवार)
28 जुलाई 2025 (सोमवार)
4 अगस्त 2025 (सोमवार)
11 अगस्त 2025 (सोमवार)
18 अगस्त 2025 (स्थानीय अवकाश घोषित)
प्रशासन की ओर से पुख्ता तैयारियां
उज्जैन कलेक्टर रोशन सिंह ने जानकारी दी कि पिछले साल की तरह इस वर्ष भी सवारी के दौरान सुरक्षा और प्रबंधन की सभी व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त रहेंगी। स्कूल शिक्षा विभाग भी जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक नोटिस जारी करेगा, जो नगर निगम क्षेत्र के सभी सरकारी और निजी स्कूलों पर लागू होगा।छात्रों और अभिभावकों को मिलेगा राहत
सवारी वाले दिन भक्तों की भीड़ के चलते सड़कों पर जाम जैसी स्थिति बन जाती है। जिससे स्कूल बसें देर से पहुंचती हैं या फंस जाती हैं। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला छात्रों की सुरक्षा, समय की बचत और शिक्षा की निरंतरता के उद्देश्य से लिया गया है।
धार्मिक आस्था और शिक्षा का संतुलन
उज्जैन प्रशासन ने श्रावण सवारी जैसे धार्मिक आयोजन और छात्रों की पढ़ाई में संतुलन बनाते हुए यह व्यावहारिक निर्णय लिया है। इससे न केवल धार्मिक आयोजन सुचारू रूप से होंगे, बल्कि विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी।