Rajasthan Weather Alert:राजस्थान के इन जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

Saroj kanwar
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Rajasthan Weather Alert: राजस्थान में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और बीते एक सप्ताह से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कहीं तेज तो कहीं रुक-रुक कर हल्की बारिश हो रही है. मौसम विभाग के अनुसार, यह अभी सिर्फ शुरुआत है. अगले 15 से 20 दिनों तक मानसून की गतिविधियां लगातार चलती रहेंगी.

इस बार मानसून की आमद सात दिन पहले हुई है, और शुरुआत से ही अच्छी बारिश देखने को मिल रही है, जो राज्य के किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है.

प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट, कुछ जिलों में रेड अलर्ट


मौसम विभाग ने बताया है कि 24 जून को जयपुर सहित कई जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई और 25 जून को भी 25 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है.
इनमें से बारां, झालावाड़ और कोटा जैसे जिलों में भारी बारिश की चेतावनी (रेड अलर्ट) जारी की गई है, जबकि अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट लागू किया गया है.

येलो अलर्ट वाले जिले:


अलवर, बांसवाड़ा, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, प्रतापगढ़, राजसमंद, सवाई माधोपुर, सीकर, टोंक, उदयपुर, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़ और गंगानगर.

जयपुर में टूटी सड़कें, सीकर में जलभराव बना संकट


राजधानी जयपुर के कई इलाकों में बीसलपुर की नई पाइपलाइन और सीवरेज लाइन डाले जाने के बाद की गई खुदाई अब परेशानी का कारण बन रही है.
बारिश के पानी के कारण मिट्टी का कटाव तेजी से हो रहा है, जिससे कई सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं और सड़कों का कुछ हिस्सा बह भी गया है.

वहीं सीकर जिले में नवलगढ़ रोड हर साल की तरह इस बार भी भारी जलभराव की चपेट में आ गया. मंगलवार को हुई बारिश के बाद सड़क पर चार फीट तक पानी भर गया, जिससे लोगों को दुकानों और कोचिंग सेंटरों में फंसे रहना पड़ा.

बाद में जेसीबी और ट्रैक्टर की मदद से लोगों को बाहर निकाला गया. इस इलाके में 100 से अधिक दुकानें और दर्जनों कोचिंग संस्थान हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ

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बारां जिले में हालात बाढ़ जैसे, गांवों का टूटा संपर्क


बारां जिले में बीते चार-पांच दिनों से मूसलधार बारिश हो रही है, जिससे अब हालात बाढ़ जैसे बन गए हैं.

जिले के कई हिस्सों में पानी भराव की स्थिति बन गई है और कई गांव टापू की तरह अलग-थलग पड़ गए हैं.

बरनी नदी पर बना पुल पहले ही टूट चुका है, जिसके चलते नाहरगढ़-भंवरगढ़ मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है.
इसके अलावा पार्वती नदी भी उफान पर है. मंगलवार को भी बारां में तेज बारिश हुई और बुधवार के लिए भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है.

आसमान में छाए घने बादल, लगातार बना है बारिश का माहौल


बारिश रुकने के बाद भी आसमान में घने बादलों की मौजूदगी बनी रहती है, जो इस बात का संकेत है कि कभी भी फिर से तेज बारिश हो सकती है.

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बादलों में पर्याप्त नमी मौजूद है और जैसे ही हवाओं की दिशा बदलती है, बारिश फिर से तेज हो जाती है.


किसानों के लिए राहत, लेकिन सतर्कता जरूरी


इस बार समय से मानसून की आमद और लगातार अच्छी बारिश ने किसानों के चेहरे खिला दिए हैं. लेकिन अचानक तेज बारिश और बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए प्रशासन ने सभी को सतर्क रहने की सलाह दी है.

खासतौर पर नदी किनारे और निम्न इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है. साथ ही, किसानों को भी सलाह दी गई है कि खेतों में काम से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें.

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