Railway New Ticket System: 18 साल बाद बदला रेलवे किराया नियम, अब टिकट पर पड़ेगा बड़ा असर

Saroj kanwar
7 Min Read

रेलवे टिकट नियम 18 साल बाद बदले जा रहे हैं, जो यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। भारतीय रेलवे ने नई प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है, जिससे टिकट बुकिंग के तरीके में सुधार होगा और अधिक पारदर्शिता आएगी। यह बदलाव सरकारी प्रयासों के तहत यात्रियों को बेहतर सुविधा देने और टिकट बुकिंग के दुरुपयोग को रोकने के लिए किया जा रहा है।

इस लेख में रेलवे के नए टिकट सिस्टम और किराया नियमों के प्रभावों को आसान और समझने योग्य हिंदी में विस्तार से बताया गया है।

Railway New Ticket System: New Update

भारतीय रेलवे ने 18 वर्षों बाद अपने टिकटिंग और किराया नियमों में बड़ा बदलाव किया है। सबसे बड़ा बदलाव टिकट बुकिंग प्रक्रिया में आएगा, जहां अब टिकट बुकिंग के शुरुआती 15 मिनटों में केवल आधार लिंक्ड और ऑथेंटिकेटेड यूजर्स ही ऑनलाइन टिकट बुक कर पाएंगे। यह नियम 1 अक्टूबर 2025 से लागू होगा। इसका उद्देश्य टिकट बुकिंग में बिचौलियों और एजेंटों की पकड़ को कम करना है, जिससे आम यात्रियों को सीधे फायदा होगा।

टिकट बुकिंग सिस्टम को भी वर्ष 2025 के अंत तक नया और आधुनिक Passenger Reservation System (PRS) से बदल दिया जाएगा। नए सिस्टम में प्रति मिनट 1.5 लाख टिकट बुकिंग की क्षमता होगी, जो वर्तमान की तुलना में लगभग 5 गुना ज्यादा है। साथ ही टिकट पूछताछ क्षमता भी चार लाख से बढ़ाकर 40 लाख प्रति मिनट कर दी जाएगी। इससे वेबसाइट और ऐप से टिकट बुक करना तेज और आसान हो जाएगा।

नए टिकट सिस्टम की विशेषताएं और सुधार

नई प्रणाली में टिकट बुकिंग के दौरान कई आधुनिक फीचर्स जोड़े जाएंगे, जैसे मल्टी-भाषाई इंटरफेस, पसंदीदा सीट का चुनाव, और किराया कैलेंडर। साथ ही दिव्यांगजनों, छात्रों और मरीजों के लिए विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

टिकट बुकिंग के अलावा, रेलवे ने टिकट चार्ट बनाने का समय भी पहले कर दिया है। पहले चार घंटे पहले बनते थे, अब ट्रेन के प्रस्थान से आठ घंटे पहले चार्ट तैयार हो जाएगा। इससे यात्रियों को पहले से सीट कन्फर्मेशन की जानकारी मिल सकेगी, जिससे यात्रा की योजना बेहतर तरीके से बनती है।

तत्काल टिकट बुकिंग में भी बदलाव किए गए हैं। अब जुलाई 2025 सेTatkal टिकट बुकिंग के लिए आधार आधारित OTP सत्यापन अनिवार्य किया गया है। इससे टिकट बुकिंग में बोट्स और फर्जी खातों के दुरुपयोग को रोका जा सकेगा। इस व्यवस्था से यात्रियों को जल्दी और आसान टिकट मिलेगा।

रेलवे किराया नियमों में बदलाव

1 जुलाई 2025 से रेलवे ने किराया नियमों में भी संशोधन किया है। गैर-एसी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के किराए में प्रति किलोमीटर 1 पैसा का और एसी ट्रेन में 2 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, उपनगरीय ट्रेनों और 500 किलोमीटर तक की दूरी के दूसरे क्लास यात्री किराये में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

टिकट बुकिंग के अलावा, रेलवे ने टिकट चार्ट बनाने का समय भी पहले कर दिया है। पहले चार घंटे पहले बनते थे, अब ट्रेन के प्रस्थान से आठ घंटे पहले चार्ट तैयार हो जाएगा। इससे यात्रियों को पहले से सीट कन्फर्मेशन की जानकारी मिल सकेगी, जिससे यात्रा की योजना बेहतर तरीके से बनती है।

तत्काल टिकट बुकिंग में भी बदलाव किए गए हैं। अब जुलाई 2025 सेTatkal टिकट बुकिंग के लिए आधार आधारित OTP सत्यापन अनिवार्य किया गया है। इससे टिकट बुकिंग में बोट्स और फर्जी खातों के दुरुपयोग को रोका जा सकेगा। इस व्यवस्था से यात्रियों को जल्दी और आसान टिकट मिलेगा।

रेलवे किराया नियमों में बदलाव

1 जुलाई 2025 से रेलवे ने किराया नियमों में भी संशोधन किया है। गैर-एसी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के किराए में प्रति किलोमीटर 1 पैसा का और एसी ट्रेन में 2 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, उपनगरीय ट्रेनों और 500 किलोमीटर तक की दूरी के दूसरे क्लास यात्री किराये में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

रेलवे ने कई प्रमुख प्रीमियम ट्रेनों जैसे राजधानी, शताब्दी, वंदे भारत, तेजस आदि में भी किराया बढ़ाया है। हालांकि टिकट शुल्क और किराया नियम अपडेट होने के बावजूद, टिकट रिफंड और आधिकारिक नियमों को भी पारदर्शी बनाया गया है ताकि यात्री आसानी से अपनी यात्रा के लिए सही जानकारी पा सकें।

नई प्रणाली में टिकट बुकिंग कैसे करें?

नई टिकट बुकिंग प्रक्रिया में कुछ महत्वपूर्ण कदम हैं, जिन्हें यात्रियों को ध्यान में रखना होगा। सबसे पहले, IRCTC की वेबसाइट या ऐप पर अपना खाता आधार से लिंक करके ऑथेंटिकेट कराना जरूरी होगा। टिकट बुकिंग खुलने के पहले 15 मिनट तक केवल वही यूजर टिकट खरीद पाएंगे, जिनका आधार सत्यापन हो चुका होगा। इसके बाद बाकी यात्री विशिष्ट विंडो में टिकट बुक कर सकेंगे।

Tatkal टिकट बुकिंग के लिए ऑनलाइन OTP सत्यापन अनिवार्य होगा, जो फोन नंबर से जुड़े आधार के माध्यम से मिलेगा। इससे फर्जी बुकिंग रोकी जा सकेगी। यदि आप सामान्य काउंटर से टिकट लेते हैं, तो प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं होगा।

यात्रा की योजना बनाते समय ध्यान दें कि अब टिकट चार्ट समय पर जल्दी बनेंगे और किराया भी नए नियम के अनुसार होगा। बुकिंग करते समय सीट चयन और किराया कैलेंडर के विकल्पों का उपयोग कर अपनी जरूरत के अनुसार टिकट लें।

निष्कर्ष

भारतीय रेलवे के टिकट नियमों में यह बड़ा बदलाव 18 साल बाद किया जा रहा है, जो यात्रियों के लिए सुविधाजनक और पारदर्शिता लाने वाला है। नए टिकट सिस्टम से बुकिंग तेज और आसान होगी, जबकि आधार आधारित सत्यापन से टिकट बुकिंग में फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी। किराया नियमों में मामूली बढ़ोतरी के साथ यात्रियों को बेहतर सेवा मिलना सुनिश्चित होगा। इस बदलाव से रेलवे सेवा और यात्रियों का अनुभव दोनों ही सुधरेगा।​

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