Population Control Bill 2025 :2 से अधिक बच्चे वालों को नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, विधानसभा में पेश हुआ सख्त प्रस्ताव 

Saroj kanwar
4 Min Read

Population Control Bill 2025: पंजाब विधानसभा में जनसंख्या नियंत्रण को लेकर एक ऐतिहासिक और सख्त प्रस्ताव पेश किया गया है। नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र के विधायक बावा हैनरी ने “पापुलेशन कंट्रोल बिल 2025” का ड्राफ्ट विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवा के समक्ष रखा और इस बिल को सामाजिक आंदोलन की तरह अपनाने की अपील की।

2 से ज्यादा बच्चों पर लगे सख्त पाबंदी की मांग

बावा हैनरी ने बिल में ऐसे परिवारों पर रोक लगाने की मांग की, जिनके 2 से अधिक बच्चे हों। उन्होंने कहा कि दो से अधिक बच्चे पैदा करने पर 10 लाख रुपये जुर्माना, वोटिंग अधिकार खत्म करना, और सरकारी नौकरी व चुनाव लड़ने पर रोक जैसे प्रावधान लागू किए जाने चाहिए।

BPL परिवारों को प्रोत्साहन और जनरल वर्ग को सब्सिडी की वकालत

विधायक ने यह भी प्रस्ताव रखा कि जो बीपीएल परिवार दो बच्चों तक सीमित रहेंगे, उन्हें कैश इंसेंटिव दिया जाए। वहीं जनरल कैटेगरी के लोगों को सब्सिडी, टैक्स छूट और आसान ऋण देकर परिवार नियोजन के लिए प्रेरित किया जाए।

भारत में आबादी का असंतुलन और उसके दुष्परिणाम

बावा हैनरी ने आंकड़ों के माध्यम से बताया कि भारत की ज़मीन विश्व के कुल क्षेत्रफल का केवल 2.3% है, लेकिन यहां दुनिया की 17% से अधिक आबादी निवास करती है। यह असंतुलन देश की विकासशीलता और संसाधनों पर गहरा प्रभाव डालता है।बढ़ती जनसंख्या का असर

उन्होंने चेताया कि ओवर पॉपुलेशन का सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा प्रणाली और कानून-व्यवस्था पर पड़ता है। साथ ही वायु, जल और भूमि प्रदूषण जैसी समस्याओं को भी यह बढ़ाता है। संसाधनों की मांग जब आबादी से मेल नहीं खाती, तो सामाजिक और पर्यावरणीय संकट उत्पन्न होता है।पंजाब में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर चिंता

बावा हैनरी ने कहा कि पंजाब में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर लगातार गिर रहा है, जिससे युवाओं का विदेश पलायन तेजी से हो रहा है। उन्होंने इसे भविष्य के लिए खतरे की घंटी बताते हुए कहा कि यह स्थिति अगर यूं ही बनी रही तो आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ जीवन नहीं मिल पाएगा।विकास का मतलब केवल सड़क और लाइट नहीं

उन्होंने स्पष्ट किया कि वास्तविक विकास का अर्थ केवल इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं नहीं हैं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और उत्तरदायित्व भी जरूरी है। उन्होंने कहा “अगर हम आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ हवा, स्वच्छ पानी और सुरक्षित वातावरण नहीं दे सकते, तो सड़कें और स्ट्रीट लाइट्स बेकार हैं।”

जनसंख्या नियंत्रण को बनाया जाए जन आंदोलन

विधायक ने जोर देकर कहा कि यह राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक मुद्दा है और इसे जन आंदोलन की तरह लिया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस पर विधानसभा में विस्तृत बहस हो और समाज के हर वर्ग में चर्चा शुरू हो।

समय रहते जागरूक न हुए तो संसाधन हो जाएंगे खत्म

बावा हैनरी ने आगाह किया कि अगर आज हम दो बच्चों की नीति नहीं अपनाते, तो आने वाले सालों में हमारे संसाधन और सार्वजनिक सेवाएं पूरी तरह चरमरा जाएंगी। उन्होंने कहा, “यह केवल सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की साझी जिम्मेदारी है।”

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *