PNB zero balance account :PNB बैंक के करोड़ों ग्राहकों की मौज, मिनिमम बैलेन्स रखने की टेंशन खत्म

Saroj kanwar
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PNB zero balance account: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने अपने करोड़ों ग्राहकों को एक बड़ी राहत दी है. अब बैंक खाता धारकों को मिनिमम एवरेज बैलेंस (MAB) नहीं रखने पर कोई पेनल्टी (जुर्माना) नहीं देना पड़ेगा. यह नियम 1 जुलाई 2025 से पूरे देश में लागू कर दिया गया है.

इस बदलाव के साथ ही PNB अब उन गिने-चुने बैंकों की लिस्ट में शामिल हो गया है, जहां मिनिमम बैलेंस रखने की बाध्यता खत्म हो गई है. यह कदम विशेष रूप से उन ग्राहकों के लिए राहत लेकर आया है, जो छोटे या सीमित आय वाले वर्ग से आते हैं.

क्या है मिनिमम एवरेज बैलेंस (MAB) का नियम?

  • बैंकिंग जगत में मिनिमम एवरेज बैलेंस (Minimum Average Balance) एक ऐसा नियम है जिसके तहत खाते में हर महीने औसतन एक निश्चित रकम का बैलेंस बनाए रखना होता है.
  • उदाहरण के तौर पर यदि किसी खाते में MAB की सीमा ₹5,000 तय है, तो महीने भर के सभी दिनों का बैलेंस जोड़कर उसका औसत कम से कम ₹5,000 आना चाहिए.
  • अगर औसत इससे कम हुआ तो बैंक पेनल्टी लगा सकता है.
  • यह जुर्माना बैंक के प्रकार, खाता श्रेणी और शाखा की स्थिति (शहरी, अर्ध-शहरी या ग्रामीण) के आधार पर अलग-अलग हो सकता है.

पहले कितना जुर्माना लगता था?

  • PNB में पहले मिनिमम बैलेंस नहीं रखने पर ग्राहकों को ₹10 से लेकर ₹600 तक की पेनल्टी भरनी पड़ती थी.
  • शहरी क्षेत्रों में यह ₹600 या उससे अधिक भी हो सकता था.
  • यह जुर्माना अक्सर ग्राहकों को बिना पूर्व सूचना के सीधे खाते से काट लिया जाता था, जिससे ग्राहकों में असंतोष और भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती थी.

कैसे निकालते हैं मिनिमम एवरेज बैलेंस?

  • मान लीजिए कि एक महीने में कुल 30 दिन हैं.
  • आपने पहले 10 दिन ₹10,000 बैलेंस रखा और बाकी 20 दिन ₹2,000
  • कुल राशि = (10×10,000) + (20×2,000) = ₹1,00,000 + ₹40,000 = ₹1,40,000
  • औसत बैलेंस = ₹1,40,000 ÷ 30 = ₹4,667
  • अब अगर बैंक का नियम है कि औसत ₹5,000 होना चाहिए, तो आप इस औसत से नियम तोड़ रहे हैं और जुर्माना लग सकता है.

अब क्यों जरूरी नहीं रहा MAB रखना?

  • PNB ने ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए यह निर्णय लिया है.
  • इस फैसले से अब ग्राहक खाते में चाहे जब पैसे जमा करें या निकालें, उन्हें जुर्माने का डर नहीं रहेगा.
  • खासकर ग्रामीण, मजदूर, छात्र, बुजुर्ग और सीमित आय वाले ग्राहकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा.
  • यह बदलाव सभी तरह के खातों (सेविंग्स, करंट, बेसिक सेविंग्स) पर लागू होगा.

SBI में भी नहीं लगता MAB जुर्माना

  • देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक SBI (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया) भी मिनिमम एवरेज बैलेंस की अनिवार्यता हटा चुका है.
  • SBI ने यह नियम 2020 में ही समाप्त कर दिया था.
  • इसके बाद अब PNB दूसरा प्रमुख सरकारी बैंक बन गया है जिसने इस पॉलिसी को खत्म किया है.
  • वहीं अधिकांश प्राइवेट बैंक जैसे HDFC, ICICI, Axis Bank में अभी भी MAB की शर्तें लागू हैं.

इस फैसले से किसे सबसे ज्यादा फायदा?

  • छोटे ग्राहक और सीमित इनकम वाले लोग, जो अक्सर खाते में जरूरी बैलेंस बनाए नहीं रख पाते, उनके लिए यह बदलाव फायदेमंद है.
  • उन्हें हर महीने बैलेंस बनाए रखने की चिंता नहीं करनी होगी.
  • इसके अलावा नए खाता खोलने वालों को भी ज्यादा सुविधा मिलेगी क्योंकि अब शर्तें आसान हो गई हैं.
  • सरकार की जनधन योजना और वित्तीय समावेशन को भी इससे बल मिलेगा.

क्या इस फैसले का बैंक पर आर्थिक असर पड़ेगा?

  • हालांकि MAB से बैंकों को अतिरिक्त आय होती थी, लेकिन कई बार इस नियम के कारण ग्राहक खाता बंद करा देते थे या बैंकिंग से दूरी बना लेते थे.
  • अब ग्राहकों को लुभाने के लिए बैंक ने लंबे समय के लाभ को प्राथमिकता दी है.
  • यह रणनीति ग्राहक आधार बढ़ाने में मदद कर सकती है.
  • साथ ही इससे बैंक की ब्रांड छवि भी मजबूत होगी.
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