OLD Pension Scheme Good News :शिक्षा मंत्री का बड़ा बयान – इन शिक्षकों को मिलेगा पुरानी पेंशन का लाभ

Saroj kanwar
5 Min Read

OLD Pension Scheme Good News – उत्तर प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना को लेकर एक बार फिर से चर्चा तेज हो गई है। इस बार मामला एडेड माध्यमिक विद्यालयों में 2001 से नियुक्त विषय विशेषज्ञ शिक्षकों का है। विधान परिषद में यह मुद्दा नियम 105 के तहत शिक्षक दल के सदस्य ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने उठाया। उन्होंने साफ कहा कि सरकार को इन शिक्षकों के साथ न्याय करना चाहिए और पुरानी पेंशन का लाभ देना चाहिए, क्योंकि ये लोग इसके हकदार हैं।

मामला आखिर है क्या

2001 में विषय विशेषज्ञों की नियुक्ति संविदा पर हुई थी। शुरुआत में इन्हें 11 महीने के लिए रखा गया और मानदेय 5000 रुपये तय था। बाद में हर साल कॉन्ट्रैक्ट का नवीनीकरण होता रहा। 2003 में हाईकोर्ट ने समायोजन का आदेश दिया और 2006 में चयन बोर्ड अधिनियम में संशोधन कर इन्हें पूर्णकालिक शिक्षक का दर्जा भी दिया गया। इसके बाद कई लोगों को लेक्चरर और यहां तक कि प्रधानाचार्य के पद तक प्रमोशन मिला।

सरकार ने 28 मार्च 2005 से पहले जिन सरकारी कर्मचारियों का विज्ञापन जारी हो चुका था, उन्हें पुरानी पेंशन योजना देने का निर्णय लिया था। लेकिन इस नीति के बावजूद इन विषय विशेषज्ञों को अभी तक इस योजना का लाभ नहीं मिला।

विधान परिषद में गरमा-गरम बहस

जब यह मुद्दा विधान परिषद में उठा, तो माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि इनकी शुरुआती नियुक्ति संविदा पर हुई थी और मौलिक पद पर सीधी नियुक्ति नहीं हुई थी। इसलिए इन्हें पुरानी पेंशन का लाभ नहीं दिया जा सकता।

इस पर निर्दलीय सदस्य राज बहादुर चंदेल ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि बाद में तो इन्हें नियमित कर दिया गया था, और इनको स्थायी पदों पर नियुक्ति मिली। ऐसे में पुरानी पेंशन देने में दिक्कत क्यों हो रही है।

समर्थन में उठी कई आवाजें

नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने पुरानी पेंशन देने का खुलकर समर्थन किया। बीजेपी के सदस्य चंद शर्मा, उमेश द्विवेदी और कई अन्य नेताओं ने भी इस मांग का समर्थन किया। उनका कहना था कि अगर नियम और आदेश इनके पक्ष में हैं, तो इन्हें पेंशन से वंचित रखना अन्याय होगा।

बैठक और आश्वासन

बहस लंबी चली, लेकिन आखिर में माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने सदस्यों और विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि इस मामले पर “मानवता के आधार” पर विचार किया जाएगा। इसका मतलब है कि अभी कोई पक्का फैसला नहीं हुआ है, लेकिन सरकार इस पर सोचने को तैयार है।

शिक्षकों की उम्मीदें बढ़ीं

इस चर्चा के बाद शिक्षकों में उम्मीद की लहर दौड़ गई है। जो लोग वर्षों से पुरानी पेंशन का इंतज़ार कर रहे हैं, उन्हें अब लग रहा है कि शायद आने वाले दिनों में उन्हें भी वह सुविधा मिल सके, जिसका वादा पहले किया गया था।

पुरानी पेंशन योजना क्यों है खास

पुरानी पेंशन योजना (OPS) सरकारी कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार मानी जाती है। इसमें पेंशन सीधे वेतन के प्रतिशत के रूप में मिलती है और जीवनभर जारी रहती है। नई पेंशन योजना (NPS) में पैसा मार्केट में निवेश होता है, और रिटायरमेंट के समय मिलने वाली राशि तय नहीं होती। यही कारण है कि कई कर्मचारी OPS की वापसी की मांग करते रहते हैं।

आगे क्या हो सकता है

हालांकि सरकार ने अभी सिर्फ “विचार” करने का वादा किया है, लेकिन अगर राजनीतिक और जनदबाव बढ़ा तो इस दिशा में ठोस कदम भी उठ सकते हैं। फिलहाल यह मामला समीक्षा में है और निर्णय आने में समय लग सकता है।

पुरानी पेंशन योजना को लेकर यूपी के शिक्षकों की लड़ाई कई सालों से चल रही है। इस बार विधान परिषद में उठे सवाल और मंत्री का आश्वासन उम्मीद की नई किरण लेकर आए हैं। अब देखना यह होगा कि आने वाले समय में यह आश्वासन हकीकत में बदलता है या फिर फाइलों में कहीं दबकर रह जाता है।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *