अब रात और दिन की बिजली का खर्चा आएगा एक जैसा ,यहां जाने क्या आया नया आदेश

Saroj kanwar
3 Min Read

उत्तर प्रदेश में घरेलू वणिज्यिकी बिजली उपभोक्ताओं के लिए रिजल्ट लागू नहीं होगा। इसका मुख्य कार्य लागू करने के लिए स्मार्ट मीटर की आवश्यकता होती है जो सभी उपयोगी के लिए उपलब्ध नहीं है। पावर कार्पोरेशन प्रबंधन को इस प्रक्रिया को पूरा करने में कम से कम डेढ़ वर्ष का समय लगेगा।

क्या हैटीओडी टैरिफ

टीओडी टैरिफ एक ऐसा नियम है, जिसमें दिन और रात की बिजली की तरह अलग-अलग होती है।
दिन में सस्ती दरें: दिन के समय बिजली की मांग कम होती है, इसलिए दरें सस्ती होती हैं।
रात में महंगी दरें: रात में मांग अधिक होने के कारण बिजली की दरें बढ़ा दी जाती हैं।

यह प्रणाली उद्योगों की प पहले से लागू है। लेकिन इसे घरेलू वाणिज्य कि उपभोक्ताओं के लिए लागू करने की योजना है।

20% तक महंगी हो सकतीहै बिजली
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद नीति टैरिफ को घरेलू और वाणिज्य की उपभोक्ता के लिए अव्यवहारिक बताया है।

खर्चे में वृद्धि – रात में बिजली देने 10 से 20% अधिक होने से घरेलू और दुकानदारों उपभोक्ताओं का खर्चा बढ़ जाएगा ।
रात में बिजली का अधिक उपयोग – परिषद के अनुसार ,घरेलू उपभोक्ता अपने 70% बिजली रात में उपयोग करते हैं जिससे उनका बिल बढ़ना तय हैं।

टीओडी टैरिफ के विरोध में परिषद

अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने विद्युत नियामक आयोग में प्रस्ताव दाखिल कर टीओडी टैरिफ का विरोध किया है।
उन्होंने दावा किया है कि यह टैरिफ प्रदेश के 3 पॉइंट 45 करोड़ उपभोक्ताओ में से 2.85 करोड़ घरेलू उपभोक्ताओं पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा।
वर्मा ने कहा कि यह योजना घरेलू उपभोक्ताओं के हित में नहीं है और इसे लागू नहीं होने दिया जाएगा।

केंद्र सरकार के निर्देश और राज्य के निर्माण

केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार ,मल्टी ईयर टैरिफ रेगुलेशनमें टीओडी टैरिफ को शामिल किया गया है।
नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार के नियमों को लागू करने का निर्णय राज्य आयोग पर निर्भर करता है।
हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि टीओडी टैरिफ को कब लागू किया जाएगा।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *