New Hospital : छत्तीसगढ़ के इस जिले में बनेगा 30 बेड का नया अस्पताल, राशि की मंजूर 

Saroj kanwar
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छत्तीसगढ़ के भिलाई जिले में बनने वाले प्रदेश के दूसरे मेंटल हॉस्पिटल की बड़ी अड़चन दूर हो गई। एक साल चली लंबी जद्दोजहद के बाद मेंटल हास्पिटल आखिरकार जिला अस्पताल में बनाया जाना तय हुआ। 4 अगस्त को जीवन दीप समिति की बैठक में सदस्यों ने सर्वसम्मति से इसे हरी झंडी दे दी। सहमति के अनुसार अस्पताल का भवन अब ट्रामा यूनिट के निकट साई प्रससदा लय वाली जगह बनाया जाएगा।

अस्पताल में 15 पुरुष व 15 महिला को भर्ती करने की क्षमता अनुसार अस्पताल 30 बिस्तर का होगा। भवन दो मंजिला बनाएंगे, जिसमें नीचे 15 और ऊपर 15 बिस्तर की सुविधा रहेगी। साल भर पहले तात्कालीन कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा के कार्यकाल में यह मेंटल हस्पिटल बनाया जाना तय हुआ था। उसी समय इसके भवन लिए डीएमएफ फंड से 85 लाख रु. आवंटित भी कर दिए गए थे, लेकिन मीणा के स्थानांतरण के बाद ज्वाइन की कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ने सुख्क्ष का कारण बताकर मेंटल हास्पिटल को चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज परिसर में बनाने कह दिया।

बात वहां पहुंची तो मेडिकल कॉलेज प्रबंधन स्वयं के लिए ही जमीन कम का तर्क देते हुए कैंपस से बहर प्रस्तावित जमीन पर बनाने बोल दिया। इस तरह बजट व अस्पताल के भवन के लिए जमीन टेंडर होने के एक साल बाद तक तय नहीं हो पाई। नए सिविल सर्जन डॉ. आशीषन कुमार मिंज पोस्टमार्टम हाउस के बगल में बंद पशु अस्पताल वाली जगह बनाने आवाज उठाएं। लेकिन वहां भी अड़चन आई और जीवन दीप समिति की बैठक में बात रखी गई। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने सर्व सम्मति से साई प्रसादालय वाली जगह पर मेंटल हास्पिटल का दो मंजिला भवन बनाए जाने सहमित दी। इस तरह मेंटल हास्पिटल के भवन को लेकर अब कोई अड़चन नहीं रही। 

मनोचिकित्सक की भर्ती करने इंटरव्यू कॉल किया
सिविल सर्जन डॉ. आशीषन कुमार मिंन के अनुसार जिला अस्पताल में नियमित सेवा वाले मनोचिकितस्क नहीं हैं। सीएम मेडिकल कॉलेज में पदस्थ मनोचिकित्सक एक दिन के लिए आते हैं। इसलिए शीघ्र एक रेगलुर डॉ. भर्ती किया जाना अत्यंत जरूरी है। इसीलिए उन्होंने मनोचिकित्सक रखने के लिए वॉक-इन-इंटरव्यू काल किया है।

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