MP में 5 गांवों के ग्रामीणों ने हाइवे किया जाम, लोगों ने जान जोखिम में डालकर नैरोगेज पुल से निकाले वाहन

Saroj kanwar
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MP News: मध्य प्रदेश में पांच गांव के ग्रामीणों द्वारा हाईवे जाम करने के बाद लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं कुछ लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर नैरोगेज  रेलवे पुल से वाहन निकलने शुरू कर दिए। इस दौरान रेल आने पर को बड़ा हादसा भी हो सकता था। आजादी के 77 वर्ष बाद भी सड़क सुविधा से वंचित इच्छापुरा, नागदा, नगदी, मातासूला और तिल्लीपुर गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने सलापुरा नहर पुलिया पर बुधवार दोपहर 12 बजे चक्काजाम कर दिया। 

सलापुरा से मातासूला तक पक्की डामरी सड़क बनाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने नारेबाजी की, जिससे श्योपुर-पाली हाईवे पर ट्रैफिक ठप हो गया। स्कूली बच्चों की वैन, यात्री बसें, ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और खुद कलेक्टर की गाड़ी भी जाम में फंस गई। तेज धूप और उमस में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। बाइक चालकों को भी निकलने नहीं दिया गया। ट्रैफिक पुलिस ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण प्रशासनिक अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। सूचना मिलते ही एसडीएम व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा कर समझाइश दी। मानसून के बाद सड़क निर्माण के आश्वासन पर दोपहर 2 बजे जाम समाप्त हुआ।

जान हथेली पर लेकर नैरोगेज पुल से सैकड़ों बाइक सवार

सलापुरा नहर पर ग्रामीणों के चक्काजाम के दौरान दूरदराज गांवों से शहर आए लोगों ने समय बचाने के चक्कर में अपनी जिंदगी दांव पर लगाने से भी गुरेज नहीं किया। बड़ी संख्या में बाइक सवार चंबल नहर पर नैरोगेज रेल पुल से होकर श्योपुर शहर में पहुंचे। इस सकरे पुल पर रेल की पटरी से बाइक निकालना खतरे से खाली नहीं है। लेकिन गंतव्यों पर पहुंचने की जल्दबाजी में सैकड़ों लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर रेल पुल पार किया। जान हथेली पर लेकर लोग पैदल ही बाइक को पटरी के बीच से निकालते रहे। करीब दो घंटे तक रेलवे पुल से खतरे से भरा सफर जारी रहा। इस दौरान रेल आने से बड़ा हादसा भी हो सकता था। 

जाम में फंसीं कलेक्टर की गाड़ी

ग्रामीणों द्वारा लगाए गए जाम के समय कलेक्टर भी सलापुरा नहर होते हुए जैदा मंडी की तरफ जा रहे थे, इसी दौरान प्रदर्शनकारियों से महज 100 मीटर की दूरी पर कलेक्टर का शासकीय वाहन भी जाम में फंस गया। गुस्साए ग्रामीणों द्वारा जाम नहीं खोलने की स्थिति में, कलेक्टर ने तत्काल परिस्थिति की गंभीरता को देखते हुए वैकल्पिक मार्ग अपनाया और वार्ड क्रमांक 10 स्थित कालोनी के रास्ते से होते हुए मंडी रोड पहुंचकर अपने गंतव्य की और रवाना हुए।

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