MP के इस गांव में लगता है अनोखा मेला, हर साल 42 गांव के युवा चुनते हैं जीवन साथी

Saroj kanwar
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MP News: मध्य प्रदेश राज्य की भिंड जिले में आलमपुर से चार किलोमीटर दूर बसे छोटे से ग्राम गॅथरी की पहचान यहां के प्राचीन बाराही देवी माता मंदिर और अपने अनोखे मेले से है। करीब 400 आबादी वाले इस गांव की ग्राम पंचायत में 2400 मतदाता हैं, लेकिन गांव की ख्याति उसकी परंपरा और सामाजिक मेलजोल से है।

गांव में स्थित बाराही देवी माता का प्राचीन मंदिर श्रद्धा और आस्था का केंद्र है। हर साल फरवरी माह में यहां दो दिवसीय विशाल मेला आयोजित किया जाता है। इस मेले में आसपास के
कौरव समाज के 42 गांवों से लोग बड़ी संख्या में जुटते हैं।

मेले की सबसे खास बात यह है कि यहां युवा अपना जीवनसाथी चुनते हैं। परंपरा के रूप में वर्षों से यह प्रथा चली आ रही है। इसी दौरान वैवाहिक सम्मेलन भी आयोजित होता है, जिसमें कई जोड़े विवाह बंधन में बंधते हैं। इससे समाज में एकता, भाईचारा और सरल विवाह संस्कार की मिसाल देखने को मिलती है।

बाराही देवी का यह मंदिर बहुत प्राचीन है। इसमें स्थापित माता की प्रतिमा भी अद्भुत है। गांव की सरपंच कैलाशी देवी कौरव बताती हैं कि यह मेला वर्षों से निरंतर लगता आ रहा है और पूरे क्षेत्र की पहचान बन चुका है। ग्रामीणों के अनुसार, इस मंदिर का धार्मिक महत्व भी है। 

मंदिर के जल में स्नान करने से होते हैं चर्म रोग दूर – श्रद्धालु

यहां आने वाले हजारों श्रद्धालुओं का मानना है कि जो श्रद्धालु मंदिर के जल से स्नान करते हैं, उन्हें चर्म रोग जैसी बीमारियों से निजात मिल जाती है। ऐसे में आज जब समाज में रिश्तों की खोज और विवाह समारोह महंगे और जटिल होते जा रहे हैं, वहीं गेंथरी का यह मेला सादगी, परंपरा और सामाजिक एकजुटता की अनोखी मिसाल बनकर सामने आता है। इस गांव की आबादी 3500 के करीब है और साक्षरता दर 75% है। गांव की कनेक्टिविटी सड़कों के माध्यम से होती है। यह गांव जिला मुख्यालय से 90 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

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