Mandsaur News: मंदसौर जिले में सीसीटीवी व्यवस्था होगी दुरस्त, नगर परिषद खर्च करेगा 7 लाख की राशि

Saroj kanwar
4 Min Read

Mandsaur News: मंदसौर जिले के गरोठ में नगर परिषद ने लंबे समय से बंद पड़े नगर के 60 सीसीटीवी कैमरों को सुधारने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। पूर्व में स्वीकृत टेंडर प्रक्रिया के तहत बालाजी सेल्स इंदौर को 7 लाख रुपए से कैमरों की मरम्मत और रखरखाव का कार्य सौंपा गया है। यह कंपनी आगामी दो वर्षों तक सभी कैमरों की निगरानी एवं मेंटेनेंस का जिम्मा भी संभालेगी। बीते दिनों हुई चोरों की गतिविधियों के बाद जिम्मेदार जागे और कार्य प्रारंभ करवाया।

नगर परिषद सीएमओ गिरीश शर्मा ने बताया कि पहले कैमरे वाई-फाई सिग्नल के माध्यम से संचालित होते थे। बार-बार सिग्नल में आ रही तकनीकी समस्याओं के कारण अब सभी कैमरों को फाइबर ऑप्टिकल केबल से जोड़ा जा रहा है। इससे कैमरों की कार्यक्षमता बेहतर होगी और सिग्नल संबंधी समस्या समाप्त हो जाएगी। इधर, नगर परिषद अध्यक्ष राजेश सेठिया ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर थाना प्रभारी को नप द्वारा दिए गए पत्र का उल्लेख किया। सेठिया ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा और पुलिस की सहायता के उद्देश्य से परिषद द्वारा 60 कैमरे लगाए गए थे।

इनके मेंटेनेंस की जिम्मेदारी नगर परिषद की है लेकिन कैमरों का संचालन पुलिस विभाग के अधीन है। ऐसे में कैमरों में खराबी आने पर संबंधित कंपनी से संवाद करने की जिम्मेदारी पुलिस विभाग की होनी चाहिए। सेठिया ने बताया कि इस संबंध में थाना प्रभारी को पत्र भी जारी किया गया था लेकिन अब तक कोई उत्तर नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जब नगर में चोरी होती है तो जिम्मेदारी पुलिस की बनती है लेकिन कैमरे बंद होने का हवाला देकर पुलिस अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास करती है। सेठिया ने यह भी बताया कि नगर परिषद ने आज से कैमरों के सुधार कार्य की शुरुआत कर दी है। कार्य पूर्ण होने के बाद सभी पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखकर अवगत कराया जाएगा और अनुरोध किया जाएगा कि नगर की सुरक्षा हेतु एक पुलिस जवान को इन कैमरों की निगरानी की जिम्मेदारी दी जाए। पुलिस ही मेंटेनेंस कंपनी से नियमित संवाद रखे ताकि भविष्य में कैमरे बंद न रहें और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

गश्त को लेकर अब भी ठोस व्यवस्था नहीं

बीते दिनों नगर की एक कॉलोनी में पांच स्थानों पर चोरों ने उत्पात मचाया था। कॉलोनीवासियों ने पुलिस थाने में शिकायत की थी। इसके बाद पुलिस ने सभी कैमरों के बंद होने की जानकारी दी। शिकायतकर्ताओं ने यह भी बताया कि चोरों की दस्तक के बाद सुबह 4 बजे डायल-100 पर कॉल करने के बावजूद पुलिस दो घंटे बाद सुबह 6 बजे पहुंची, तब तक चोर घटना स्थल से फरार हो चुके थे। इस घटना के बाद पुलिस की रात्रि गश्त व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। अब तक पुलिस द्वारा किसी प्रकार की प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।
लगातार दबिश दे रहे हैं

हम लगातार दे रहे हैं दबिश – एएसपी गरोठ

हेमलता कुलीर, एएसपी गरोठ ने कहा कि सीतामऊ मामले में भी हमनें चोरों को पकड़ा है। उन्होंने कहा कि चोरों को पकड़ने और अपराध को रोकने के लिए पुलिस द्वारा लगातार दबिश की कार्रवाई जारी है। रही बात नप की तो कैमरे सुधरवाकर वो हमें लिखित में देदे कि अब मैटेनेंस की जिम्मेदारी आपकी तो हम कंपनी से समन्वय कर मॉनिटरिंग प्रारंभ कर देंगे। आमजनों को परेशानी नहीं होने देंगे।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *