Mandsaur News: मंदसौर को मिली बड़ी सौगात, 10 हजार स्क्वेयर फीट में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने हेतु सरकार करेगी करोड़ों रुपए खर्च, लाखों लीटर गंदे पानी का होगा ट्रीटमेंट 

Saroj kanwar
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Mandsaur News: मंदसौर नगर में सीवरेज लाइन से निकलने वाले लाखों लीटर गंदे पानी का ट्रीटमेंट करने हेतु सरकार करोड़ों रुपए खर्च करेगी। गंदे पानी को ट्रीटमेंट कर दोबारा उपयोग में लाने के लिए नगर परिषद पालना तलाई पर 8.34 करोड से 10 हजार स्क्वायर फिट जमीन पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा।

इसके टेंडर होने के साथ ही वर्क ऑर्डर भी हो चुके है। भोपाल से ड्राइंग मिलने एवं अनुवल होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। संभावना जताई जा रही है कि अगले महीने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम शुरू हो जाएंगा।

नगर की नालियों और नालों से प्रतिदिन 15 लाख लीटर गंदा पानी निकलता है। जिसका ट्रीटमेंट कर फिर से उपयोगी बनाने के लिए परिषद द्वारा श्मशान रोड स्थित पालना तलाई पर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जाएंगा। इसको लेकर परिषद ने टेंडर बुलाएं थे। टेंडर होने के बाद वर्क ऑर्डर भी हो चुका है। प्लांट की डिजाइन तैयार कर शासन को स्वीकृति के लिए भेजी है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद परिषद को ड्राइंग मिलने पर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएंगा। ट्रीटमेंट के बाद पानी का उपयोग बागवानी और पेड पौधों की सिंचाई के लिए उपयोग किया जाएंगा। परिषद इस पानी को किसानों को नीलाम करेगी। इससे किसान अपने खेतों में सब्जियां उगा सकेंगे। जिससे परिषद को आय प्राप्त होगी। इसके अलावा परिषद इस पानी का नगर के बाग

बगीचों में भी करेगी। ट्रीटमेंट प्लांट की डीपीआर लोकसभा चुनाव से पहले तैयार की गई थी। लेकिन चुनाव के कारण और फंड नहीं मिलने के कारण टेंडर होने में समय लग गया। परिषद ने दावा किया था कि जनवरी 2025 में प्लांट का काम शुरू हो जाएंगा। लेकिन अब ड्राइंग आने के कारण निर्माण कार्य में देरी हो रही है। नगर की सीवरेज लाइन से निकलने वाले गंदे पानी से होने वाले नुकसान को देखते हुए नगर परिषद अध्यक्ष डॉ. सीमा तिवारी ने इसके समाधान के लिए प्लान तैयार किया। और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए एसटीमेट तैयार करने के साथ ही डीपीआर बनाने के निर्देश दिए।

1.50 किमी. लंबा बनेगा नाला, प्लांट तक पहुंचेगा पानी

नगर की नालियों ओर नालों से प्रतिदिन 15 लाख लीटर गंदा पानी निकलता है। जो अभी पालना तलाई में कच्चे नाले के माध्यम से पहुंचता है। वाटर ट्रीटमेंट तक गंदे पानी को पहुंचाने के लिए परिषद 1.50 किमी. लंबा सीमेंट कांक्रीट में पक्के नाले का निर्माण कर प्लांट तक पानी पहुंचाएंगे। ड्राय सीवेज से तैयार होगा जैविक खाद नगर के नालों और नालियों में बहने वाला गंदे पानी का अपव्यय ट्रीटमेंट प्लांट शुरू होने के बाद रुकेगा। वही ड्राय सीवेज से प्लांट के पास में परिषद द्वारा जैविक खाद बनाया जाएंगा। जैविक खाद बनाने के बाद परिषद उसे नीलाम करेगी। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से परिषद को जहां पानी किसानों को देने से आय होगी।

टेंडर होने के बाद जारी हुआ वर्क ऑर्डर 

रविश कादरी, प्रभारी सीएमओ नप मनासा ने बताया कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के टेंडर होने के बाद वर्क ऑर्डर हो चुका है। प्लांट की डिजाइन तैयार कर भोपाल भेजी है। शासन से डिजाइन की स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू होगा। इस महीने के अंत तक डिजाइन मिलने की संभावना है। डिजाइन मिलते ही अक्टूबर में प्लांट का काम शुरू कर देंगे।

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