राधेनगर और दौरिया गांव में सड़क की कमी, कीचड़ से स्कूल जाते बच्चे

Saroj kanwar
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Chhatarpur News: जिला मुख्यालय से महज 7 किलोमीटर दूर स्थित ललौनी पंचायत के राधेनगर और दौरिया गांवों में आजादी के बाद से पक्की सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। ये गांव उर्मिल नदी के पार बसे हैं, और यहां की छोटी पुलिया के कारण वाहन नहीं आ सकते। बारिश के दिनों में गांव पूरी तरह से कट जाता है, जिससे गांववाले न तो बाहर जा सकते हैं और न ही कोई आ सकता है।प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत अन्य गांवों में पक्की सड़कें बन गई हैं, लेकिन राधेनगर और दौरिया में अब तक यह सुविधा नहीं पहुंची। गांव के बच्चे हर रोज 2 किलोमीटर दूर स्थित ढड़ारी गांव के हाई स्कूल जाते हैं। रास्ते में कीचड़ और दलदल होते हैं, जिससे बच्चों को फिसलने और कपड़े गंदे होने की समस्या का सामना करना पड़ता है।

कई बार बच्चों को चोट भी आती है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है।ग्रामीणों ने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन किसी ने उनकी समस्या का समाधान नहीं किया। परेशान ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द सड़क का निर्माण नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे।

गांववाले कहते हैं कि सड़क के अभाव में रिश्तेदारों का आना-जाना भी मुश्किल है। इस कारण लड़के-लड़कियों के रिश्ते तक नहीं हो पा रहे हैं। गांव में 5वीं तक का स्कूल है, लेकिन 6वीं में पढ़ने वाले बच्चों को ढड़ारी गांव के स्कूल में जाना पड़ता है। बारिश में ये बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते।

इसके अलावा, एंबुलेंस भी गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिससे प्रसव के दौरान महिलाओं को दिक्कत होती है।सीईओ जनपद पंचायत अजय सिंह ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर पंचायत के सरपंच और सचिव को मौके पर भेजा गया है और जल्द समाधान का प्रयास किया जाएगा।

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