Jhalawar School Collapse: झालवाड़ में एक साथ उठी 7 बच्चों की आर्थियां, फूट फूट कर रोया पूरा गांव 

Saroj kanwar
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Jhalawar School Collapse: झालावाड़ जिले के मनोहर थाना उपखंड के पीपलोदी गांव में शुक्रवार को स्कूल का छत गिरने से 8 बच्चों की मौत हो गई। बच्चे खुशी स्कूल में पढ़ाई करने गए थे लेकिन अचानक मौत ने उन्हें गले लगा लिया। 

 स्कूल में पढ़ने गए बच्चे अचानक से काल के गाल में समा गए जिसकी वजह से पूरे गांव में मातम छा गया। पढ़ने का बच्चों को क्या पता था कि उन्हें वापस घर नहीं आना है। रक्षाबंधन के ठीक 15 दिन पहले पूरे गांव में मातम छा गया।

 गांव से छोटे-छोटे बच्चों की आर्थिया निकली जिसको देख हर इंसान का कलेजा कांप गया। शिक्षा मंत्री ने भी दुख जाता है इसके साथ ही इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट करके दुख जताया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस घटना का जांच का आदेश जारी किया है।

मृतक कार्तिक (8 वर्ष), हरकचंद लोधा का बेटा था। उसकी बुआ संजू बाई ने बताया कि वह चार बहनों में इकलौता था और सबसे छोटा भी। बड़ी बहन आरती कक्षा 7 और मनीषा कक्षा 6 में पढ़ती हैं, जो इस हादसे में घायल हो गईं। बाकी दो बहनें प्रियंका और रामकन्या पास के गांव आंवलहेड़ा में पढ़ाई करती हैं। कार्तिक की अर्थी देखकर बहनों की चीखें गूंज उठीं, रो-रोकर सिर्फ एक ही बात बोल रही थी “अब किसको बांधेंगे राखी…?” इस सवाल ने वहां मौजूद हर शख्स का दिल चीर दिया।

एक साथ उठीं 6 बच्चों की अर्थियां

शनिवार सुबह 5 बजे, मनोहर थाना अस्पताल से मृतक बच्चों के शव परिजनों को सौंपे गए। शवों को अलग-अलग गाड़ियों से गांव तक पहुंचाया गया। जैसे ही शव गांव पहुंचे, वहां कोहराम मच गया। पहले से ही अर्थियां सजाई जा चुकी थीं। गांव के ही शमशान घाट तक शवों को भारी पुलिस सुरक्षा में ले जाया गया। दो सगे भाई-बहन, कान्हा और मीना, को एक ही अर्थी पर ले जाया गया। एक साथ पांच चिताओं पर छह मासूमों का अंतिम संस्कार किया गया। जैसे ही पिता ने मुखाग्नि दी, लोगों का दुःख फूट पड़ा। वहां मौजूद हर आंख नम हो गई।

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