Indian Railway: नीमच से बांसवाड़ा-दाहोद-नंदुरबार तक 380 किमी नया ट्रैक बिछाने हेतु मिली मंजूरी, मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात के 6 बड़े शहरों को मिलेगा 

Saroj kanwar
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New Railway Track Update: नीमच से बांसवाड़ा-दाहोद-नंदुरबार तक 380 किमी नया ट्रैक डालने हेतु रेलवे मंत्रालय ने हरी झंडी दे दी है। इस नए रेलवे ट्रैक के डालने से मध्य प्रदेश राजस्थान और गुजरात के 6 बड़े शहरों को लाभ मिलेगा। रेल नेटवर्क को आदिवासी अंचल में फैलाने के लिए रेलवे ने नीमच से बांसवाड़ा, दाहोद होकर नंदुरबार तक नई ब्रॉडगेज लाइन बिछाने की तैयारी की है। यह 380 किमी लंबी होगी। रेल मंत्रालय (Railway Ministry) ने रेल लाइन डालने के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे करने की मंजूरी दी है। इस रेल लाइन (New railway line) का सबसे ज्यादा फायदा बांसवाड़ा (राजस्थान) के इलाके को मिलेगा। बता दें कि अब तक बांसवाड़ा रेल नेटवर्क से अछूता रहा है। वहीं अब दो प्रमुख रेल लाइन बांसवाड़ा से गुजारने की तैयारी है। रतलाम-बांसवाड़ा-डूंगर पुर पर पहले से काम चल रहा है। अब रेल बोर्ड ने नई लाइन (New railway lineडालने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। अब दो प्रमुख दोनों परियोजना पर एक साथ काम होगा। 

नई रेल लाइन (New Railway Track) डलने के बाद देश की राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई जाने वाली रेलगाड़ियां के लिए आदिवासी बहुल बांसवाड़ा से होकर एक नया रूट मिल जाएगा। इससे जहां आदिवासी अंचल का विकास होगा, वहीं रेलवे को यात्री के साथ माल लदान से भी अच्छी खासी कमाई होगी। हालांकि नई लाइन डलने में कम से कम 7 से 8 साल लग जाएंगे। एफएसएल होने के बाद डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनेगी। उसकी अलग से मंजूरी लेना होगी। फिर टेंडर समेत अन्य लंबी प्रक्रिया से गुजरने के बाद प्रोजेक्ट धरातल पर उतरेगा। उसके बाद भी 380 किमी नई रेल लाइन बिछाने में कम से कम चार से पांच साल लगेंगे।

मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात के 6 शहरों को मिलेगा लाभ

नई लाइन डलने के बाद ताप्ती सेक्शन से मुंबई-दिल्ली मेन रूट को दाहोद से जोड़ने वाला सबसे छोटा रूट होगा।
मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात के छह शहरों के लोगों को रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। बांसवाड़ा से मैगनीज अयस्क, डोलोमाइट, चूना पत्थर, सोना, तांबा, क्वार्टजाइट जैसे खनिज की इस रेल मार्ग से माल ढुलाई करने में आसानी होगी। दाहोद अलीराजपुर-नंदु स्बार ताप्ती रेल खंड के माध्यम से मुंबई-नई दिल्ली मुख्य मार्ग से जुड़ जाएगा। राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे रोजगार के अवसर बनेंगे।

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