Independence Day 2025: 15 अगस्त को लाल किले पर ही क्यों फहराया जाता है झंडा? जानिए इसका कारण

Saroj kanwar
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Independence Day 2025: 15 अगस्त को लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की परंपरा भारत की स्वतंत्रता के प्रतीक के रूप में शुरू हुई। इसका ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक महत्व है।

1. स्वतंत्रता का प्रतीक
15 अगस्त 1947 को भारत ब्रिटिश शासन से स्वतंत्र हुआ। इसी दिन भारत के पहले प्रधानमंत्री *पंडित जवाहरलाल नेहरू* ने लाल किले की प्राचीर से पहली बार तिरंगा फहराया और देश को संबोधित किया। यह राष्ट्रीय गौरव और स्वतंत्रता का प्रतीक बन गया।

2. लाल किले का ऐतिहासिक महत्व:
लाल किला मुगल शासनकाल का एक प्रमुख स्मारक है, जो भारत के इतिहास और संस्कृति का प्रतीक है। इसे 1947 में स्वतंत्र भारत के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक माना गया और यहां से राष्ट्रीय ध्वज फहराना एक परंपरा बन गई।

3. राष्ट्रीय एकता और संप्रभुता का संदेश:
लाल किले से तिरंगा फहराने का उद्देश्य देश की स्वतंत्रता, एकता और अखंडता को प्रदर्शित करना है। यह हर भारतीय को उनकी स्वतंत्रता के संघर्ष और राष्ट्रीय गर्व की याद दिलाता है।

4. प्रधानमंत्री का संबोधन:
लाल किले से प्रधानमंत्री हर साल देश को संबोधित करते हैं। यह देश की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं को साझा करने का एक मंच बन गया है।

लाल किले से झंडा फहराना न केवल स्वतंत्रता संग्राम की याद दिलाता है, बल्कि यह हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण होता है।

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